नरेश सोनी इंडियन टीवी न्यूज नेशनल ब्यूरो हजारीबाग
उपायुक्त के जनता दरबार में सुनी गई आमजनों की समस्याएं
उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में आज 10 अक्टूबर को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जनता दरबार का आयोजन किया गया।
हजारीबाग: ग्रामीण अपने आवेदन एवं शिकायतों के साथ उपस्थित हुए। उपायुक्त ने प्रत्येक आवेदक की बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित पदाधिकारियों को मामलों के त्वरित एवं संवेदनशील निपटारे का निर्देश दिया।
आज के जनता दरबार में मुख्य रूप से पेंशन स्वीकृति, राशन कार्ड त्रुटि सुधार, आवास, आपूर्ति व्यवस्था, एनटीपीसी मुआवजा, म्यूटेशन, भूमि विवाद, पारिवारिक विवाद, रोजगार एवं विभिन्न योजनाओं से जुड़ी शिकायतें सामने आईं। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी आवेदन निर्धारित समयसीमा में निष्पादित किए जाएं।
आज आए प्रमुख मामले एवं दिए गए निर्देश
सदर प्रखंड ने पगमिल निवासी कलीम उल्लाह कबीर ने भाई द्वारा नकली दस्तखत कर हलफनामा और वकालत नामा बनाकर गैर कानूनी तरीके से जमीन हथियाने के संबंध में आवेदन दिया। इस पर उपायुक्त ने सदर एसडीओ को मामले की गहनता से जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
सदर प्रखंड के ओरिया निवासी मंजू देवी ने हाथियों द्वारा इनकी पति की मृत्यु पर सहायता हेतु आवेदन दिया,इस पर उपायुक्त ने सामाजिक सुरक्षा पदाधिकारी को पीड़ित महिला को पेंशन योजना के तहत लाभ दिलाने का निर्देश दिया।
विष्णुगढ़ प्रखंड के भोला पांडे ने विवादित जमीन पर अवैध निर्माण रुकवाने के संबंध में आवेदन दिया,उपायुक्त ने इस संबंध में अपर समाहर्ता को जांचोपरांत रिपोर्ट समर्पित करने का निर्देश दिया।
दारू प्रखंड के रिंकू कुमार ने अन्य लोगों द्वारा गुमराह कर खाता नंबर 24 प्लॉट संख्या 1069 एवं 1426 का मुआवजा राशि का गलत तरीके से भुगतान का लाभ लेने के संबंध में आवेदन दिया, इस पर उपायुक्त ने जिला भू अर्जन पदाधिकारी को जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा।
बड़कागांव प्रखंड के चंदौल निवासी सूरज सिंह द्वारा एनटीपीसी जमीन अधिग्रहण के बावजूद मुआवजा नहीं देने के संबंध में डीसी को न्याय हेतु आवेदन दिया,इसपर उपायुक्त ने सम्बंधित अधिकारी को एनटीपीसी के साथ अगली बैठक में इस प्रकार के मुआवजा संबंधी आवेदनों को प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
प्रशासन का उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान करना है।
उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर लेकर निर्धारित समयसीमा में निष्पादित करें।