देवबंद (सहारनपुर):
अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी आज अचानक देवबंद पहुंचे। दारुल उलूम देवबंद में उनके आगमन को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए। मुत्तकी का यह दौरा धार्मिक और कूटनीतिक दोनों ही दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, मुत्तकी की मुलाकात दारुल उलूम के मोहतमिम मुफ्ती अब्दुल कासिम नोमानी, मौलाना अरशद मदनी और अन्य वरिष्ठ उलेमाओं व शिक्षकों से होगी।
बताया जा रहा है कि वे दारुल उलूम परिसर का भ्रमण करेंगे, मस्जिद में नमाज़ अदा करेंगे और क्लासरूम में हदीस की पढ़ाई का निरीक्षण भी करेंगे।
दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक मौलाना अरशद मदनी और मुत्तकी समेत प्रमुख उलेमाओं की तक़रीर (सभा) प्रस्तावित है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मुत्तकी की यह भारत यात्रा पाकिस्तान के उस लंबे समय से चले आ रहे दावे को चुनौती देती है, जिसमें वह खुद को देवबंदी इस्लाम का संरक्षक और तालिबान का मुख्य समर्थक बताता आया है।
यह दौरा इस बात का संकेत भी है कि तालिबान अपनी धार्मिक जड़ों और बौद्धिक पहचान को भारत की धरती — देवबंद — से जोड़कर देख रहा है। साथ ही, यह संकेत भी देता है कि तालिबान धीरे-धीरे अपनी राजनीतिक व कूटनीतिक निर्भरता पाकिस्तान से हटाकर भारत की ओर बढ़ा रहा है।
गौरतलब है कि 1866 में स्थापित दारुल उलूम देवबंद विश्वभर में इस्लामी शिक्षा का प्रमुख केंद्र है और कई जन आंदोलनों की वैचारिक जन्मभूमि माना जाता है।
रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़