हजारीबाग संवाददाता। उपायुक्त (डीसी) शशि प्रकाश सिंह ने शुक्रवार, 11 अक्टूबर को शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का औचक निरीक्षण कर अस्पताल की चिकित्सीय और प्रशासनिक व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने मानव बल प्रबंधन को चुस्त करने, ई-औषधि ऐप को तुरंत अपडेट करने और मरीजों की बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
प्रमुख निर्देश और महत्वपूर्ण बिंदु
डीसी शशि प्रकाश सिंह ने अस्पताल अधीक्षक के कक्ष में ओपीडी पंजीकृत मरीजों की सूची के साथ अधिकारियों की बैठक की। उन्होंने वार्डवार मानव बल और डीएमएफटी फंड से नियुक्त डॉक्टरों की स्थिति की समीक्षा की और कहा कि कुशल प्रबंधन से सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार लाया जा सकता है।
बायोमैट्रिक उपस्थिति अनिवार्य: उपायुक्त ने बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया ताकि प्रशासनिक व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सके।
रोस्टर ड्यूटी में सुधार: उन्होंने वरिष्ठ चिकित्सकों द्वारा विभिन्न वार्डों में नियमित जांच सुनिश्चित करने और रोस्टर ड्यूटी प्रोटोकॉल में एक सप्ताह के भीतर सुधार लाने का सख्त निर्देश दिया।
दवा प्रबंधन पर नाराज़गी: उपकरणों के रखरखाव में शिथिलता न बरतने की हिदायत देते हुए डीसी ने ई-औषधि ऐप पर दवाओं के स्टॉक को अद्यतन नहीं करने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया।
बर्न वार्ड 24 घंटे क्रियाशील हो: निरीक्षण के दौरान उन्होंने सर्जिकल, मेडिसिन वार्ड, मॉड्यूलर ओटी और बर्न वार्ड का भ्रमण किया। उन्होंने बर्न वार्ड को 24 घंटे क्रियाशील रखने का निर्देश दिया।
प्रमाण पत्र निर्गतीकरण में तेजी: जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र कक्ष की कार्यप्रणाली का अवलोकन कर निर्गतीकरण प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
मरीजों की देखभाल प्राथमिकता
उपायुक्त ने साफ शब्दों में कहा कि चिकित्सक मरीजों की बेहतर देखभाल के लिए प्रतिनियुक्त किए गए हैं, इस पर विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रशासन की प्राथमिकता में हैं। उन्होंने सभी चिकित्सक एवं कर्मियों से समर्पण भाव से कार्य करने का आग्रह किया ताकि मरीजों को हर हाल में बेहतर सुविधा मिल सके।
निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन, मेडिकल सुपरिटेंडेंट, चिकित्सक व अन्य अधिकारी मौजूद थे।