जिला जालोर: की जिवन रेखा कहलाती है जंवाई नंदी 🌿
जवाई बांध अपने आसपास के प्राकृतिक क्षेत्र के लिए भी प्रसिद्ध है, जिसे अक्सर जवाई लेपर्ड रिज़र्व या जवाई हिल्स कहा जाता है:
• तेंदुए (Leopards): यह क्षेत्र भारत में अपने प्राकृतिक आवास में तेंदुओं को देखने के लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक है, जो अक्सर बांध के चारों ओर की प्राचीन ग्रेनाइट पहाड़ियों और चट्टानों पर आराम करते हैं।
• मगरमच्छ (Crocodiles): जलाशय में दलदली मगरमच्छों (Marsh Crocodiles) की अच्छी खासी आबादी निवास करती है।
• पक्षी अवलोकन (Birdwatching): यह सर्दियों के मौसम में राजहंस (Flamingos), पेलिकन (Pelicans) और सारस (Cranes) जैसे प्रवासी और निवासी पक्षियों के लिए एक आश्रय स्थल है।
• रबारी जनजाति (Rabari Tribe): यह क्षेत्र स्वदेशी रबारी समुदाय के लिए भी जाना जाता है, जो एक अर्ध-खानाबदोश चरवाहा जनजाति है और तेंदुओं के साथ सह-अस्तित्व के लिए प्रसिद्ध जालोर: मरु प्रदेश राजस्थान, अब समुद्री रास्ते से भी औद्योगिक विकास, व्यापार और आर्थिक समृद्धि का सफर तय करेगा। इसमें जालौर जिला कच्छ की खाड़ी के जरिए अरब सागर से सीधे जुड़ेगा। इसके लिए जालौर में इनलैंड पोर्ट (वाटर-वे) तैयार करने की कवायद शुरू हो गई है। जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत ने बताया कि, जलमार्ग की डीपीआर पर भारतीय अन्तर्देशीय जलमार्ग विकास प्राधिकरण, नेशनल टेक्नोलॉजी फॉर पोर्ट, वाटर-वे एंड कोस्ट, आईआईटी मद्रास और जल संसाधन विभाग द्वारा सर्वे किया जा रहा है।
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