नरेश सोनी इंडियन टीवी न्यूज नेशनल ब्यूरो हजारीबाग
हजारीबाग: पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर देर रात चलाए गए एक स्पेशल ऑपरेशन में गिरोह के सात खूंखार अपराधियों को हथियारों के साथ दबोच लिया गया। यह गिरोह बड़कागांव, केरेडारी और पतरातू जैसे कोयला अंचल क्षेत्रों में रंगदारी और दहशत का पर्याय बना हुआ था।
जंगल में बन रही थी डकैती की योजना, घेराबंदी कर दबोचे गए गुर्गे
बुधवार तड़के करीब 12 बजे पुलिस अधीक्षक को सूचना मिली कि चरही थाना क्षेत्र के इंद्रा जंगल में अपराधी किसी बड़ी डकैती और रंगदारी की घटना को अंजाम देने के लिए जमा हुए हैं। सूचना मिलते ही एसडीपीओ विष्णुगढ़ बैजनाथ प्रसाद के नेतृत्व में एक विशेष एसआईटी (SIT) का गठन किया गया। पुलिस टीम ने जब घने जंगल में छापेमारी की, तो अपराधी भागने लगे, जिन्हें जवानों ने जान जोखिम में डालकर दौड़ाकर पकड़ा।
हथियार बरामद, जेल से चल रहा था गिरोह का नेटवर्क
गिरफ्तार अपराधियों की तलाशी लेने पर उनके पास से लोडेड देशी कट्टा, पिस्टल, चार जिंदा गोलियां और सात एंड्राइड मोबाइल फोन बरामद किए गए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये सभी अपराधी पाण्डेय गिरोह के सक्रिय सदस्य ओमप्रकाश उर्फ प्रकाश साय के निर्देशों पर काम कर रहे थे। गिरोह का मुख्य काम कोयलांचल के क्षेत्रों में व्यापारियों और ठेकेदारों को डरा-धमकार रंगदारी वसूलना था।
अपराध की दुनिया के पुराने खिलाड़ी हैं गिरफ्तार आरोपी
पकड़े गए अपराधियों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। इनमें आलोक राज, सूरज सिंह, लक्ष्मण पासवान, सौरभ पांडे, राहुल कुमार, विजय कुमार और पप्पू पांडे शामिल हैं। लक्ष्मण पासवान पर जमशेदपुर और सरायकेला में लूट व ड्रग्स तस्करी के कई मामले दर्ज हैं, वहीं सूरज सिंह और आलोक राज रंगदारी और मारपीट के संगीन मामलों में पहले भी जेल जा चुके हैं।
कोयलांचल में शांति बहाली की दिशा में बड़ा कदम
इस कार्रवाई में चरही, उरीमारी, पगार, मुफ्फसिल और बड़कागांव थाना प्रभारियों समेत तकनीकी शाखा की अहम भूमिका रही। पुलिस की इस सफलता से बड़कागांव और केरेडारी जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में सक्रिय अपराधी गिरोहों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अब इन अपराधियों के मोबाइल फोन खंगाल रही है ताकि गिरोह के मुख्य सरगनाओं और सफेदपोश मददगारों तक पहुँचा जा सके।