आदिवासी आरक्षण, खाद संकट व विस्थापन पर सवाल, आंदोलन की चेतावनी
दुद्धी सोनभद्र। स्थानीय तहसील क्षेत्र के गरीब किसान हाहाकार पर हैं। एक नवंबर से धान खरीदी कागजों पर चल रही है, लेकिन खरीद केंद्रों पर हाईब्रिड धान को ठुकरा दिया जा रहा है। जिला पंचायत सदस्य बघाडू जुबेर आलम ने परगना मजिस्ट्रेट/उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को महामहिम राज्यपाल के नाम 6 सूत्री ज्ञापन सौंपा। इसमें धान खरीदी, खाद आपूर्ति, आदिवासी आरक्षण, वन भूमि विवाद और कनहर-अमवार परियोजना के विस्थापितों की समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया कि दुद्धी तहसील दलित-आदिवासी बहुल क्षेत्र है। किसानों ने सरकारी कृषि केंद्रों से बीज लेकर खून-पसीना एक कर हाईब्रिड धान उगाया, फिर भी खरीदी नाममात्र की हो रही। आढ़ती औने-पौने दाम दे रहे, जिससे लागत भी नहीं निकल पा रही। राइस मिलर क्रय केंद्र प्रभारियों से सांठगांठ कर कटौती कर शोषण हो रहा। यूरिया-डीएपी के लिए किसान लाइनों में धक्कम-धक्के खा रहे, आपूर्ति कम होने से फसल बर्बाद हो रही।
सोनभद्र में जनजातीय आबादी प्रदेश के 20 प्रतिशत से अधिक है, लेकिन 2021 पंचायत चुनाव में 131 के बजाय सिर्फ 28 सीटें आरक्षित रहीं। नौकरियों व पंचायतों में भी अन्याय हो रहा। धारा-20 वन भूमि पर बाप-दादा से काबिज मूल निवासियों को वन विभाग बेदखल कर रहा। कनहर-अमवार परियोजना से उजड़े सुंदरि, कोरची, भीसुर आदि 108 गांवों के विस्थापित पैकेज के इंतजार में भटक रहे, नहर निर्माण रुका हुआ।
ज्ञापन की प्रमुख मांगें दुद्धी में धान खरीदी की बाधाएं तत्काल दूर कर चालू करें, हाईब्रिड सहित सभी धान खरीदें, शोषण बंद करें।2026 पंचायत चुनाव में जनजातीय आबादी के अनुपात आरक्षण, नौकरियों में भी लागू करें।
यूरिया-डीएपी की पर्याप्त व समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करें। धारा-20 वन भूमि पर मूल निवासियों का उत्पीड़न रोका जाए।कनहर विस्थापितों को पैकेज दें, नहर बनाकर सिंचाई सुविधा दें।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि त्वरित कार्रवाई न हुई तो जनआक्रोशित आंदोलन होगा, जिम्मेदारी प्रशासन की। एसडीएम ने कहा कि मामले का संज्ञान लिया गया है, उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। किसान संगठनों ने समर्थन जताया।
सोनभद्र, दुद्धी तहसील रिपोर्टर, विवेक सिंह