बरेली। फतेहगंज पश्चिमी ब्लॉक क्षेत्र में स्थित हाईवे पर एएनए कॉलेज के पास जानलेवा कट को बंद कर दिया गया है। इस कट पर कई सड़क हादसे हो चुके थे, जिसके कारण इसे असुरक्षित माना जा रहा था। कट बंद होने से अब हाईवे पर आवागमन सुरक्षित हो गया है, हालांकि वाहनों को लगभग छह किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी।
इस कट को बंद कराने की पहल क्षेत्र के एक छात्र ने की थी, जिसने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को पत्र भेजा था। छात्र की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए पीएमओ ने मुरादाबाद डिवीजन के निदेशक को जांच सौंपी थी।
पिछले दिनों मीरगंज एसडीएम आलोक कुमार और सीओ हाईवे शिवम आशुतोष के निरीक्षण के बाद एएनए कट को बंद करने के निर्देश दिए गए थे। जांच पूरी होने के बाद सोमवार को टोल प्लाजा की टीम ने हाईवे पर पीले पत्थर लगाकर एएनए कट को पूरी तरह बंद कर दिया।
यह कट अगरास, रिठौरा, शाही, शेरगढ़, शीशगढ़ सहित उत्तराखंड के रुद्रपुर तक के वाहनों के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग था। अब कट बंद होने से इन दर्जनों गांवों के लोगों को अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए 6 से 8 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र में एएनए कट के साथ-साथ राधा कृष्ण मंदिर कट भी सड़क हादसों का प्रमुख कारण था। ये दोनों कट ‘अंधे कट’ थे, जहां एएनए रोड या राधा कृष्ण कट से कस्बे की तरफ मुड़ते समय सामने से आ रहे वाहन दिखाई नहीं देते थे, जिससे दुर्घटनाएं होती थीं। कट बंद होने के बावजूद, एक ट्रैक्टर-ट्रॉली ने डिवाइडर पर चढ़कर वाहन पार करने का प्रयास किया।
प्रवन पाण्डेय
ITN National
जिला संवाददाता बरेली