सस्ता गल्ला विक्रेता परिषद की बैठक में लखनऊ धरने की रणनीति तैयार, कोटेदारों का मांग-पत्र पारित
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश सस्ता गल्ले परिषद की सहारनपुर इकाई ने जिला कार्यालय पर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक में 28 जनवरी से लखनऊ में प्रस्तावित धरने की रणनीति तैयार की गई। कोटेदारों की प्रमुख समस्याओं पर चर्चा हुई और खाद्य आयुक्त को सौंपे जाने वाले मांग-पत्र को अंतिम रूप दिया गया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन की एकजुटता बढ़ाना और लखनऊ धरने की व्यापक तैयारी करना था। सदस्यों ने कोटेदारों की लंबे समय से चली आ रही कठिनाइयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। महंगाई के दौर में सस्ते अनाज वितरण व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी गई। संगठन ने स्थानीय स्तर पर गतिविधियों को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
मांग-पत्र की प्रमुख मांगें
मांग-पत्र में उत्तर प्रदेश के 80,000 कोटेदारों की छह मुख्य समस्याओं का समाधान मांगा गया:कमीशन को वर्तमान 90 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 200 रुपये करने की मांग।
ई-पॉस मशीनों में सर्वर गड़बड़ी दूर कर वितरण प्रक्रिया सुचारू बनाने हेतु।
वर्ष 2020 की गेहूं खरीद में दिए खाली बोरों का शेष बकाया भुगतान।
खाद्यान बार-बार तौलने से स्टॉक में कमी रोकने के लिए अतिरिक्त अनाज आवंटन।
सितंबर से दिसंबर कुछ दुकानों का मार्च से आज तक का लाभांश तत्काल भुगतान।
वितरण के 8-10 दिनों बाद लाभांश की नियमितता तथा FCI गोदामों से सिंगल डोर स्टेप डिलीवरी प्रणाली में सुधार।
संगठन ने सहारनपुर इकाई की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए लखनऊ धरने को सफल बनाने की योजना बनाई। मांगों के शीघ्र निराकरण तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया गया।
बैठक में उपस्थित प्रमुख सदस्य
प्रदेश प्रभारी राजपाल सिंह नौटियाल, जिला अध्यक्ष मांगेराम शर्मा, भुवनेश्वर दीक्षित, तहसील अध्यक्ष दिनेश चौधरी, रुपेश त्यागी, जितेंद्र कटारिया, शिवकुमार शर्मा, चंद्र प्रकाश, दिलशाद अहमद, भूप सिंह, रहिस अहमद, मांगेराम, डॉ ऋषि पाल, सुभाष कुमार, सुशील कुमार, नरोत्तम दास, साकिर मलिक, अमरीश चौधरी, लुकमान आदि उपस्थित रहे।
रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़
बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन की एकजुटता बढ़ाना और लखनऊ धरने की व्यापक तैयारी करना था। सदस्यों ने कोटेदारों की लंबे समय से चली आ रही कठिनाइयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। महंगाई के दौर में सस्ते अनाज वितरण व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी गई। संगठन ने स्थानीय स्तर पर गतिविधियों को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
मांग-पत्र की प्रमुख मांगें
मांग-पत्र में उत्तर प्रदेश के 80,000 कोटेदारों की छह मुख्य समस्याओं का समाधान मांगा गया:कमीशन को वर्तमान 90 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 200 रुपये करने की मांग।
ई-पॉस मशीनों में सर्वर गड़बड़ी दूर कर वितरण प्रक्रिया सुचारू बनाने हेतु।
वर्ष 2020 की गेहूं खरीद में दिए खाली बोरों का शेष बकाया भुगतान।
खाद्यान बार-बार तौलने से स्टॉक में कमी रोकने के लिए अतिरिक्त अनाज आवंटन।
सितंबर से दिसंबर कुछ दुकानों का मार्च से आज तक का लाभांश तत्काल भुगतान।
वितरण के 8-10 दिनों बाद लाभांश की नियमितता तथा FCI गोदामों से सिंगल डोर स्टेप डिलीवरी प्रणाली में सुधार।
संगठन ने सहारनपुर इकाई की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए लखनऊ धरने को सफल बनाने की योजना बनाई। मांगों के शीघ्र निराकरण तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया गया।
बैठक में उपस्थित प्रमुख सदस्य
प्रदेश प्रभारी राजपाल सिंह नौटियाल, जिला अध्यक्ष मांगेराम शर्मा, भुवनेश्वर दीक्षित, तहसील अध्यक्ष दिनेश चौधरी, रुपेश त्यागी, जितेंद्र कटारिया, शिवकुमार शर्मा, चंद्र प्रकाश, दिलशाद अहमद, भूप सिंह, रहिस अहमद, मांगेराम, डॉ ऋषि पाल, सुभाष कुमार, सुशील कुमार, नरोत्तम दास, साकिर मलिक, अमरीश चौधरी, लुकमान आदि उपस्थित रहे।
रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़
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