हरिकेश मिश्रा इंडियन न्यूज़ टीवी
प्रयागराज। आईजीआरएस (जनसुनवाई पोर्टल) की जनवरी की तहसीलवार रैंकिंग में करछना और मेजा को प्रदेश में पहला स्थान मिला है। दोनों तहसीलों को 100 में से 100 अंक मिले हैं। दो माह (नवंबर और दिसंबर) से एसडीएम भारती मीना के नेतृत्व में करछना प्रदेश में नंबर-एक बना है। इस तरह से करछना की हैट्रिक हो गई है। वहीं, मेजा तहसील ने भी जबरदस्त सुधार करते हुए पहले पायदान पर कब्जा जमाया है।
शिकायतों को संबंधित विभागों को समय पर भेजने में जिले की सभी आठ तहसीलों ने शानदार प्रदर्शन किया है। इस श्रेणी में सभी विभागों को समय पर भेजने में सभी आठ तहसीलों का शानदार प्रदर्शन।
एडीएम बने जोनल अफसर, बढ़ा प्रशासनिक शिकंजा डीएम ने जिले की रैंकिंग सुधारने के लिए कड़ी कार्रवाई और निगरानी का फॉर्मूला अपनाया। हर तहसील के लिए एक एडीएम को नोडल अफसर नियुक्त किया गया। इनका काम एसडीएम के कामकाज की मॉनिटरिंग करना था। इसी डबल चेक व्यवस्था का नतीजा है कि शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता में सुधार हुआ।
फूलपुर को 10 में से 10 अंक मिले हैं, जहां 418 मामलों को महज एक दिन में आगे बढ़ाया गया। वहीं करछना ने नौ दिन और सदर ने आठ दिन में फाइलें निस्तारित कीं।
तहसीलवार प्रदर्शन की स्थिति
तहसील अंक (100 में से) प्रदेश में रैंकिंग
करछना 100 1
मेजा 100 1
फूलपुर 99 64
सदर 99 64
सोरांव 98 89
कोराव 95 140
हंडिया 94 155
बारा 90 191
“करछना और मेजा ने आईजीआरएस निस्तारण में प्रदेश में पहला स्थान पाकर मिसाल पेश की है। सभी आठों तहसीलों के सामूहिक प्रयास से जिले की ओवरऑल रैंकिंग सुधरी है। हमारा उद्देश्य रैंकिंग के साथ-साथ आम नागरिकों की समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण समाधान करना है।”
मनीष कुमार वर्मा, जिलाधिकारी