दुद्धी /कोन सोनभद्र (विवेक सिंह)।
जिला मजिस्ट्रेट ,बद्रीनाथ सिंह सोनभद्र ने विकास खण्ड कोन के ग्राम पंचायत रोरवा में अनियमितता की शिकायत को संज्ञान में लेते हुए दिये थे जाँच के आदेश। बतातें चलें कि ग्राम पंचायत रोरवा में ग्राम प्रधान व प्रधान प्रतिनिधि के द्वारा ग्राम पंचायत के कार्यों , प्रधान मंत्री आवास, मुख्य मंत्री आवास, मनरेगा सहित लोक वित्त / राज्य वित्त में काफी अनियमितता बरती गई है जिसके क्रम में स्थानीय निवासी प्रतीक कुमार एवं राजेश कुमार भाटिया द्वारा शपथ पत्र युक्त शिकायती प्रार्थना पत्र दिनांक-19.01.2026 एवं 18.12.2025 प्रस्तुत कर ग्राम पंचायत रोरवा, विकास खण्ड-कोन में कराये गये कार्यों का बिन्दुवार उल्लेख करते हुये जांच कराये जाने का अनुरोध किया गया था। जिसके उपरांत जिला मजिस्ट्रेट ,बद्रीनाथ सिंह ने उ०प्र० पंचायत राज अधिनियम 1947 यथा संशोधित 1994 की धारा-95(1) तथा उ०प्र० पंचायत राज (प्रधानों, उप प्रधानों और सदस्यों को हटाया जाना) जांघ नियमावली 1997 में निहित प्राविधानों के अनुसार उपरोक्त शिकायती पत्र की जांच हेतु निम्नवत् जांच समिति गठित किया गया है जिसमें मुख्य रूप से जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, सोनभद्र, सहायक अभियन्ता, ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग, सोनभद्र , जिला लेखा परीक्षा अधिकारी (सहकारी समितियां एवं पंचायतें) , सोनभद्र नामित लेखा है । नामित लेखा परीक्षक को संयुक्त रूप जांच अधिकारी नियुक्त किया जाता है तथा जाँच अधिकारी को निर्देशित किया जाता है कि शिकायती पत्र में उल्लिखित प्रत्येक बिन्दुओं की स्थलीय / अभिलेखीय एवं तकनीकी जांच कर संयुक्त रूप से सुस्पष्ट आख्या एक पक्ष के भीतर शिकायती पत्र के साथ जिला पंचायत राज अधिकारी, सोनभद्र कार्यालय में प्रस्तुत करना सुनिश्चित करने के दिये थे निर्देश। स्थानीय लोगों सहित शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि तत्कालीन ग्राम पंचायत विकास अधिकारी व ग्राम प्रधान ,प्रधान प्रतिनिधि द्वारा जमकर धन का बंदरबाँट किया गया है। आगे शिकायतकर्ताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि गठित जाँच अधिकारी द्वारा संबंधित अधिकारी व ग्राम प्रधान को समय डिले करके मामले का निस्तारण कराया जा रहा। जिससे जाँच अधिकारी द्वारा शिकायतकर्ताओं का शिकायत निराधार दिखाया जा सके । स्थानीय निवासी रजत सिंह सहित अन्य शिकायतकर्ताओं ने कहा कि प्रधानपति द्वारा अपने चहेते को शौचालय का धन दिया किन्तु बना नहीं और वहीं अपने चहेते को मनरेगा में उपस्थिति दिखाकर मजदूरी डाली गई पर वास्तव में कार्य किये हैं उनका दो वर्षों से भुगतान बाकी है। जिसके क्रम में उन्होंने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए तत्काल जाँच कराये जाने व जमीनी हकीकत लोगों के सामने रखने की मांग किया है। उक्त प्रकरण के संबंध में पुन : शिकायतकर्ताओं ने मुख्य मंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए जाँच की मांग करते हुए न्यायालय की शरण में जाने की बातें कही। *बुधवार को प्रतीक* गुप्ता के अगुवाई में प्रदर्शन कारियों ने लगाये एडीओ पंचायत / ग्राम प्रधान मुर्दाबाद के नारे लगाये और प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ग्राम प्रधान व एडीओ पंचायत की मनमानी नहीं चलेगी, नहीं चलेगी। प्रदर्शन में मुख्य रूप से राघवेंद्र चंद्र आर्य, रामनाथ गुप्ता, सूर्य देव, राघवेंद्र भारती, भगवान् दास , दीप नारायण, शांति देवी, राजू देवी सहित अन्य लोग शामिल रहे। इस बावत जाँच अधिकारी जिला पिछड़ा कल्याण अधिकारी ने बताया कि उक्त जाँच हेतु अभिलेख अपलब्ध कराने हेतु संबंधित विभाग को पत्राचार किया गया है जैसे ही अभिलेख मिलता है उसकी जाँच कराकर दोषी पाये जाने पर अवश्य कार्रवाई की जायेगी।