अकरम खान पटेल की रिपोर्ट।
चिचोली। रमजान के पाक महीने के अवसर पर समाज में अमन, इंसानियत और देशभक्ति का संदेश देते हुए प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट आमला के अध्यक्ष मोहम्मद आसीफ लंघा ने कहा कि जिस देश में हम रहते हैं, उससे वफादारी करना हर नागरिक का सबसे बड़ा ईमान है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले हमारी पहचान हिंदुस्तानी होने की है, उसके बाद ही कोई धार्मिक पहचान आती है।
उन्होंने कहा कि भारत की आन, बान और शान पर जब भी आंच आए, हर नागरिक को बिना किसी भेदभाव के एकजुट होकर देश के लिए खड़ा होना चाहिए। देश की रक्षा के लिए यदि प्राणों का बलिदान भी करना पड़े तो उससे पीछे नहीं हटना चाहिए। इतिहास हमेशा साहस, सच्चाई और बलिदान करने वालों को याद रखता है।
मोहम्मद आसीफ लंघा ने कहा कि इस्लाम सहित सभी धर्म देशप्रेम, शांति और इंसानियत का संदेश देते हैं। कोई भी धर्म नफरत, हिंसा या देश से गद्दारी की शिक्षा नहीं देता। धर्म के नाम पर आतंक या लोगों को परेशान करने वाले न तो सच्चे धर्म के अनुयायी हैं और न ही सच्चे देशभक्त।
इस दौरान इरशाद खान ने कहा कि हमारे पैगंबर हज़रत मोहम्मद मुस्तफा (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने किसी को नुकसान पहुंचाने से भी मना किया है। भूखे को भोजन कराना, जरूरतमंद की मदद करना, देश के लिए त्याग करना और अल्लाह की इबादत करना ही सच्चा जिहाद है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हिंसा को जिहाद बताकर समाज को गुमराह करते हैं, जबकि यह कायरता है।
अंत में मोहम्मद आसीफ लंघा ने सभी देशवासियों को रमजान की मुबारकबाद देते हुए कहा, “हिंदी हैं हम, वतन है हिंदुस्तान हमारा।” उन्होंने लोगों से अपील की कि रमजान के इस पवित्र महीने में आपसी भाईचारे को मजबूत करें, देश की एकता और अखंडता को सर्वोपरि रखें।