दुद्धी सोनभद्र(विवेक सिंह)।
श्रम कानून को खत्म करके लाए गए लेबर कोड में फिक्स टर्म इम्पलाइमेंट का प्रावधान मजदूरों को और भी असुरक्षित जीवन जीने के लिए मजबूर करेगा और अभी प्राप्त सामाजिक सुरक्षा प्रावधानों से वंचित करेगा। यही नहीं इन लेबर कोड में काम के घंटे 12 करने, न्यूनतम मजदूरी से भी कम फ्लोर लेवल वेज लाने और श्रम विभाग की भूमिका एनफोर्समेंट से बदलकर फैसिलिटेटर करने के कारण आने वाले समय में मजदूर वर्ग आधुनिक गुलामी की ओर बढ़ेगा। इसलिए मजदूरों का दायित्व है कि पूरी ताकत से इन लेबर कोड का विरोध करें। यह बात अनपरा में ठेका मजदूरों, इंजीनियरों और गणमान्य नागरिकों के साथ हुए जनसंवाद में पूर्व श्रम बंधु दिनकर कपूर ने कहीं। वह आज ठेका मजदूर यूनियन के 23 वें जिला सम्मेलन के सिलसिले में अनपरा आए हुए थे।
अनपरा के वरिष्ठ समाजवादी श्याम किशोर जायसवाल ने वार्ता में उनसे कहा कि ट्रेड यूनियन आंदोलन के लंबे अनुभव से वह इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि मांग और आपूर्ति आधारित आंदोलन आज की तारीख में अप्रासंगिक हो गया है। श्रम बंधु दिनकर कपूर ने कहा कि आज मजदूर वर्ग के अस्तित्व का संकट है। सैंकडों वर्षों के संघर्ष के बाद हासिल अधिकार उससे छीने जा रहें है। इसलिए जरूरत सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों का भंडाफोड़ करने और वैकल्पिक नीतियों पर मजदूर वर्ग को खड़ा करने की है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले 10 सालों से न्यूनतम मजदूरी का वेज रिवीजन ना होने के कारण इस महंगाई में मजदूरों को अपना जीवन चलना कठिन हो गया है। इसलिए वेज रिवीजन पर भी रणनीति यूनियन के जिला सम्मेलन में तय होगी।
जन संवाद में उनके साथ एआईपीएफ जिला सचिव इंद्रदेव सिंह खरवार, यूनियन के जिला मंत्री तेजधारी गुप्ता, शेख इम्तियाज मसीहुल्लाह अंसारी, हरिनाथ खरवार आदि लोग मौजूद रहे।