नरेश सोनी इंडियन टीवी न्यूज नेशनल ब्यूरो हजारीबाग
हजारीबाग। गरीब, लाचार और बेसहारा बेटियों की शादी के पुनीत कार्य पर राजनीतिक रोटियां सेंकना विरोधियों के मानसिक दिवालियापन का परिचायक है। यह तीखी और स्पष्ट प्रतिक्रिया हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने विशेश्वर दयाल जायसवाल पथ स्थित अपने जनसेवा कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के दौरान व्यक्त की। पिछले दिनों रामगढ़ में एक सौ एक बेसहारा बेटियों के भव्य सामूहिक विवाह समारोह को लेकर विरोधियों द्वारा सूचना के अधिकार के माध्यम से खड़े किए गए विवादों पर सांसद ने अपनी बेबाक राय रखते हुए बड़कागांव क्षेत्र के पूर्व जनप्रतिनिधियों को कड़ा आईना दिखाया।
सांसद जायसवाल ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया कि वह स्वयं को समाजसेवी नहीं, बल्कि जनता का एक समर्पित सेवक मानते हैं। उन्होंने कहा कि कारपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के माध्यम से बड़ी कंपनियों से जनहित और गरीब कल्याण के लिए सहयोग मांगना कोई अपराध नहीं है, बल्कि यह एक सजग जनप्रतिनिधि का सर्वोच्च नैतिक और सामाजिक दायित्व है। सामूहिक विवाह का जिक्र करते हुए उन्होंने साफ किया कि इस पूरे आयोजन में नकद लेन-देन का कोई स्थान नहीं था। जिन भी संस्थाओं या व्यक्तिगत दानदाताओं ने स्वेच्छा से आगे आकर नवदंपतियों के जीवनयापन के लिए जो भी मदद की, उन सभी उपहार सामग्रियों पर बाकायदा सहयोगकर्ताओं का नाम पारदर्शिता के साथ अंकित किया गया था। सांसद ने इसे दहेज का नाम देने वालों की संकीर्ण सोच पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि कन्यादान में बेटियों को स्नेहपूर्वक उपहार देना हमारी समृद्ध संस्कृति का हिस्सा है, इसे अपराध की श्रेणी में खड़ा करना ओछी राजनीति है।
बड़कागांव क्षेत्र में पिछले पंद्रह वर्षों तक सत्ता की बागडोर संभालने वाले एक विशिष्ट राजनीतिक परिवार पर सीधा निशाना साधते हुए उन्होंने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिन्होंने हमेशा अपने निजी और राजनीतिक स्वार्थ की पूर्ति के लिए भोले-भाले रैयतों और किसानों के पवित्र आंदोलन को बरगलाया, वे ही लोग आज सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए एक सुनियोजित और कुत्सित एजेंडे के तहत ऐसे भावनात्मक कार्यों पर ओछे सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने अत्यंत दृढ़ता के साथ कहा कि क्षेत्र की जनता अब पूरी तरह से समझदार हो चुकी है और विरोधियों के इन भ्रामक झांसों में कतई नहीं आने वाली है। उन्होंने चुनौती भरे लहजे में ऐलान किया कि बेसहारा बेटियों का घर बसाना यदि गुनाह है, तो वे यह गुनाह बार-बार डंके की चोट पर करेंगे और उन्हें जो रोकना चाहे, रोक कर दिखा ले।
इस महत्वपूर्ण वार्ता के दौरान सांसद ने अपने सत्रह वर्षों के लंबे राजनीतिक सफर में इसी फंड के तहत कराए गए ऐतिहासिक विकास कार्यों का विस्तृत और प्रामाणिक ब्यौरा भी जनता के पटल पर रखा। उन्होंने बताया कि जनहितकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए देश की दर्जनों नामचीन कंपनियों को कई पत्र लिखे गए, जिसके सार्थक और दूरगामी परिणाम आज पूरे हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र में स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं। ऊर्जा निगम, कोल इंडिया, गैस अथॉरिटी और विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों जैसी दर्जनों प्रमुख संस्थाओं के सकारात्मक सहयोग से रामगढ़, चौपारण, दारू, चुरचू, पदमा और विष्णुगढ़ सहित विभिन्न प्रखंडों में सैकड़ों अत्याधुनिक स्ट्रीट और मिनी मास्ट लाइटों की स्थापना की गई है। इसके अतिरिक्त, सैकड़ों महिलाओं के बीच आवश्यक पोषण किट का वितरण और दर्जनों विद्यालयों में आधुनिक स्मार्ट क्लास तथा खेलकूद सामग्रियों की व्यवस्था सुनिश्चित कर शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किया गया है।
सांसद ने अपनी बात का समापन करते हुए यह दृढ़ संकल्प दोहराया कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंचाना ही उनका एकमात्र लक्ष्य है। इसके लिए वे भविष्य में भी शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कॉरपोरेट जगत से इसी प्रकार मजबूती के साथ संसाधन जुटाने की सकारात्मक पहल करते रहेंगे।
इस भव्य प्रेस वार्ता में हजारीबाग लोकसभा और बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र के कई दिग्गज राजनेता, सांसद प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक अपनी मजबूत उपस्थिति के साथ मौजूद थे। उपस्थित प्रमुख लोगों में सत्येंद्र नारायण सिंह, अनिल मिश्रा, पूनम साहू, शिवशंकर कुमार मेहता, विजय यादव, महेंद्र सिंह, प्रकाश गुप्ता, नकुल साव, रंजन चौधरी, अनूप कुमार, बंटी तिवारी, विजय वर्मा और राजेश राणा जैसे कई वरिष्ठ नाम शामिल रहे।