राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
कटनी// – जिले में पहली बार ग्रामीण परिवेश से परिपूर्ण 9 होमस्टे बनकर तैयार हो गए हैं, जबकि 10 अन्य होमस्टे निर्माणाधीन हैं। अब पर्यटक यहां कम खर्च में गांवों की नैसर्गिक सुंदरता, पारंपरिक जीवनशैली और सांस्कृतिक विरासत का आत्मीय अनुभव कर सकेंगे।इससे कटनी के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी।
जिले का बड़ा क्षेत्र बांधवगढ़ नेशनल पार्क के बफर जोन से जुड़ा हुआ है। साथ ही वाणसागर बैक वाटर के रमणीय दृश्य, अथाह जलराशि और आसपास स्थित प्राचीन व प्रसिद्ध मंदिरों का भ्रमण अब होमस्टे में ठहरकर सहज रूप से किया जा सकेगा। विकासखंड विजयराघवगढ़ और बड़वारा के ग्राम खितौली, कोनिया और जमुनिया में होमस्टे बन गए हैं।
कलेक्टर आशीष तिवारी ने कहा कि होमस्टे के माध्यम से कटनी के ग्राम्य जीवन की सादगी ,पारंपरिक खान-पान, लोक कला एवं समृद्ध संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहर की व्यापक ब्रांडिंग होगी। इस पहल से न केवल पर्यटन को गति मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर टैक्सी सेवा, हस्तशिल्प, कृषि उत्पाद एवं अन्य गतिविधियों के माध्यम से रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के सहयोग से मानव जीवन विकास समिति द्वारा कुल 19 होमस्टे विकसित किए जा रहे हैं।समिति के सचिव एवं पर्यावरणविद निर्भय सिंह ने बताया कि एक होमस्टे के निर्माण में लगभग 5 से 6 लाख रुपये की लागत आती है। योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान की ग्रामीण पर्यटन योजना से 2 लाख रुपये तथा ट्रायबल टूरिज्म परियोजना के तहत 3 लाख रुपये तक का अनुदान प्रदान किया जाता है। शेष राशि हितग्राही द्वारा स्वयं वहन की जाती है।
होमस्टे निर्माण के लिए ऐसे गांवों का चयन किया गया है जो प्रमुख पर्यटन स्थलों के निकट स्थित हैं, ताकि पर्यटकों को भ्रमण में सुविधा हो। यहां ठहरने वाले ग्रामीण, शहरी एवं विदेशी पर्यटक देशी भोजन, ग्रामीण संस्कृति और प्राकृतिक वातावरण का वास्तविक आनंद ले सकेंगे।
कटनी में होमस्टे की यह पहल न केवल पर्यटन को सशक्त बनाएगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर आत्मनिर्भर गांव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।।