कौशिक नाग – कोलकाता
पश्चिम बंगाल में ममता सरकार को सत्ता से हटाने का पूरा प्लान भाजपा ने तैयार कर लिया है. भाजपा ने इसके लिए खास तौर पर 3C प्लान बनाया है. 3C प्लान के तहत भाजपा क्राइम, करप्शन और कंपनी पर पूरा फोकस करेगी. अपराध, भ्रष्टाचार और विकास के मुद्दे पर ही भाजपा ने बिहार में लालू-राबड़ी की 15 साल पुरानी सरकार हटाने में सफल रही थी. भाजपा अब यही प्लान बंगाल में सफल करने का प्रयास कर रही है. पार्टी अपनी परिवर्तन यात्रा की शुरुआत इन्हीं 3C प्लान के तहत की है. पार्टी ने टीएमसी सरकार में हो रहे कथित भ्रष्टाचार और बंगाल में हो रहे अपराध को मुख्य मुद्दा बनाया है. पार्टी ने लोगों से ‘कट मनी’ से मुक्ति दिलाने, 15 साल के कुशासन से मुक्ति दिलाने और सत्ता में आने पर औद्योगिक विकास का वादा किया है. भाजपा इस बार पश्चिम बंगाल के शहरी और ग्रामीण इलाकों में अलग-अलग चुनावी रणनीति पर काम कर रही है. वह शहरी इलाकों में लोगों को बता रही है कि बंगाल अब रहने लायक नहीं रहा है. यहां कुछ भी नहीं बचा है. ममता बनर्जी के सत्ता में आने पर पश्चिम बंगाल में नया निवेश आना बंद हो गया, जिससे पश्चिम बंगाल में रोजगार का निर्माण नहीं हुआ. भाजपा का वादा है कि उसके सत्ता में आने पर पश्चिम बंगाल में गुजरात-महाराष्ट्र की तर्ज पर औद्योगिक विकास किया जाएगा. इसके अलावा शहरी वोटरों को कोलकाता के सांस्कृतिक गौरव की वापसी की बातों से भी आकर्षित करने की कोशिश की जा रही है. ग्रामीण इलाकों में पार्टी केंद्र सरकार की उन योजनाओं की जानकारी लोगों को देंगे, जिन्हें ममता ने बंगाल में लागू नहीं होने दिया है. भाजपा लोगों को बतायेगी कि इन योजनाओं के लागू नहीं होने से बंगाल के लोगों को कितनी क्षति हुई है. इसके साथ ही मतदाताओं को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, मछली पालन को बढ़ावा देने और नारियल-जूट के विकास के लिए किए गए कार्यों की जानकारी दी जा रही है. पार्टी ग्रामीण इलाकों में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के सहारे लोगों को स्वरोजगार पाने में हुई मदद के बारे में जानकारी दे रही है. ग्रामीण मतदाताओं से पार्टी यह वादा कर रही है कि उसके सत्ता में आने पर किसानों, मछली पालकों को विकास के पर्याप्त अवसर दिए जाएंगे. इस पूरे चुनाव में भाजपा घुसपैठ का मुद्दा पूरे जोर शोर से उठा रही है. भाजपा यह बताने की कोशिश कर रही है कि बंगालियों का संसाधन बांग्लादेशी को मिल रहा है. प्रधानमंत्री से लेकर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व तक सभी इस बात पर लोगों को लामबंद कर रहे हैं. लोगों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि कई समस्याएं घुसपैठियों के कारण हैं और इनके बाहर चले जाने से प. बंगाल में हिंसा का माहौल भी खत्म होगा. लोगों को रोजगार के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा. एसआईआर के बाद यह मुद्दा और ज्यादा गंभीर हो गया है. पार्टी इस मुद्दे को पूरे देश की सुरक्षा के साथ जोड़ते हुए मजबूती से लोगों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है.