अकरम खान पटेल की रिपोर्ट
सारणी: नवनिर्माण बहुउद्देशीय संस्था पाथाखेड़ा अध्यक्षा एवं समाज सेविका मुमताज शेख ने बताया कि बाबा मटार देव की नगरी सारणी नगर पालिका परिषद अंतर्गत पाथाखेड़ा कोल इंडिया द्वारा संचालित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पुराना बाजार पाथाखेड़ा में महात्मा ज्योतिबा फुले की 200 वी जयंती नवनिर्माण बहुउद्देशीय संस्था पाथाखेड़ा ने नौनिहालों के साथ
प्राचार्य श्री श्याम राव भोरसे, उप प्राचार्य जी आर कापसे, शिक्षक मोहम्मद सिराज, शिक्षक महेंद्र प्रताप सिंह, शिक्षक यशवंत सिंह नगदे, शिक्षक शैलेश ठाकुर शिक्षका संतोषी रघुवंशी, शिक्षका वर्षा सेन,शिक्षका चांदनी, शिक्षका स्वाति, शिक्षका रीना चौकसे, शिक्षका नवोदित भूमरकर एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के सम्पूर्ण कर्मचारीगण के साथ ही नवनिर्माण बहुउद्देशीय संस्था कोसाध्यक्ष श्रीमती रेहाना, सदस्य श्रीमती शालिनी जेम्स, सचिव और उपाध्यक्ष की गरिमामय उपस्थिति में
उत्साह पूर्वक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती मनाई गई, जहां जयंती के अवसर पर नौनिहालों में भारी उत्साह देखने को मिला। चुकी जयंती कार्यकर्म में सर्वप्रथम महात्म ज्योतिबा फुले के छायाचित्र पर प्राचार्य श्री श्याम राव भोरसे, उप प्राचार्य जी आर कापसे, एवं नवनिर्माण अध्यक्ष श्रीमती मुमताज शेख व नवनिर्माण के साथियों के साथ ही समस्त शिक्षक गण द्वारा माल्यार्पण व पूजा-अर्चना किया गया, त्तपश्चात उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के मंच से छात्रा छात्राए एवं कार्यकर्म में उपस्थित समस्त बुद्धिजीवियों का अभिवादन करते हुए श्रीमती मुमताज शेख ने अपने संबोधन में कहा महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती हर साल 11 अप्रैल को मनाई जाती है। चुके महात्मा ज्योतिबा फुले का जन्म 11 अप्रैल 1827 को महाराष्ट्र के सतारा जिले में हुआ था। वे एक महान समाज सुधारक, विचारक और लेखक थे, जिन्होंने महिला शिक्षा और जाति व्यवस्था के उन्मूलन के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया था। चुके आज 11 अप्रैल 2026 को महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में मनाई जा रही है। जो कि आज देश के महापुरुष महात्मा ज्योतिबा फुले के करकमलों को याद कर आज 11 अप्रैल को संपूर्ण भारत भर में कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
अगर हम महात्मा ज्योतिबा फुले के योगदान की बात करें तो महात्मा ज्योतिबा फुले ने 1848 में पुणे में उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले के साथ मिलकर लड़कियों के लिए पहला स्कूल खोला था। वही महात्मा ज्योतिबा फुले ने निम्न जातियों के लोगों को समान अधिकार दिलाने के लिए ‘सत्यशोधक समाज की स्थापना’कहू” या सत्य की खोज करने वाला समाज” की स्थापना की थीं। महात्मा ज्योतिबा फुले को सामाजिक सुधारों के लिए 1888 में ‘महात्मा’ की उपाधि दी गई थी। तब से महात्मा ज्योतिबा फुले जी को महात्मा ज्योतिबा फुले के नाम से जाना जाता है। वही कार्यकर्म को सफल बनाने में योगदान के लिए उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य श्री श्याम राव भोरसे, उप प्राचार्य जी. आर. कापसे एवं शिक्षक गणों के साथ ही कर्मचारियों का कोसाध्यक्ष श्रीमती रेहाना व सदस्य श्रीमती शालिनी जेम्स ने आभार व्यक्त किया।