राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
कटनी। नगर निगम प्रशासन ने शहर में पर्यावरण अनुकूल एवं आधुनिक अंतिम संस्कार व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कटनी नदी पार स्थित मुक्तिधाम परिसर में वर्षों से तकनीकी खामियों के कारण बंद पड़ा गैस आधारित शवदाह गृह अब पुनः शुरू कर दिया गया है।
निगम प्रशासन द्वारा इस सुविधा को दोबारा चालू करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। स्वास्थ्य अधिकारी संजय सोनी ने जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार को गुजरात के वडोदरा से आई विशेषज्ञ टीम ने नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को गैस आधारित शवदाह प्रणाली के संचालन का तकनीकी प्रशिक्षण दिया।
प्रशिक्षण के दौरान मशीन का सफल डेमो भी किया गया, जिसमें लकड़ी डालकर इसकी कार्यप्रणाली को व्यावहारिक रूप से समझाया गया। विशेषज्ञों ने कर्मचारियों को मशीन संचालन, सुरक्षा मानकों, उपकरणों के सही उपयोग और आपातकालीन परिस्थितियों में बरती जाने वाली सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही, अंतिम संस्कार प्रक्रिया को सुरक्षित, सुचारू और समयबद्ध तरीके से संचालित करने के उपाय भी बताए गए।
निरीक्षण के बाद तेज हुई कार्रवाई
गौरतलब है कि 17 फरवरी को बस स्टैंड जोन कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने मुक्तिधाम का निरीक्षण किया था। इस दौरान वर्ष 2017 में निर्मित गैस आधारित शवदाह गृह के बंद होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने तत्काल इसे शुरू करने के निर्देश दिए थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ताला खुलवाकर व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया था।
आम जनता को मिलेगा लाभ
स्वास्थ्य अधिकारी के अनुसार अब गैस आधारित शवदाह गृह की सेवाएं आम नागरिकों के लिए शुरू कर दी गई हैं। इस आधुनिक सुविधा के शुरू होने से अंतिम संस्कार प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक और समयबद्ध होगी, साथ ही मुक्तिधाम परिसर में प्रदूषण में भी कमी आएगी।
प्रशिक्षण के दौरान सहायक यंत्री सुनील सिंह, स्वास्थ्य अधिकारी संजय सोनी, क्षेत्रीय पार्षद उमेन्द्र अहिरवार, मुक्तिधाम समिति के संयोजक मनोहर मनोज, अध्यक्ष अजय सरावगी सहित निगम और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी उपस्थित