राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
कटनी। शहर में पालतू कुत्तों के बढ़ते दायरे और नागरिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। मध्य प्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 व 1961 के प्रावधानों के तहत अब नगरीय क्षेत्र में पालतू श्वानों का पंजीयन कराना अनिवार्य कर दिया गया है।
नगर निगम ने सभी श्वान पालकों से अपील की है कि वे निर्धारित समयावधि के भीतर अपने पालतू कुत्तों का रजिस्ट्रेशन जरूर कराएं, अन्यथा नियमानुसार जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।
प्रक्रिया को बनाया गया आसान
निगम प्रशासन ने पंजीयन प्रक्रिया को बेहद सरल बनाया है। श्वान मालिक नगर निगम कटनी के स्वास्थ्य विभाग (कक्ष क्रमांक 66) या अपने-अपने वार्ड के दरोगा से आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं।
150 रुपए में वार्षिक पंजीयन
आवेदन पत्र के साथ श्वान का फोटो, टीकाकरण की जानकारी, निवास का विवरण और स्वच्छता व्यवस्था से जुड़ी जानकारी जमा करनी होगी। इसके साथ 150 रुपए का वार्षिक शुल्क स्वास्थ्य शाखा में जमा कर पंजीयन आसानी से कराया जा सकता है।
बिना पंजीयन पर लगेगा जुर्माना
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि बिना पंजीयन के पालतू श्वान रखने पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसलिए सभी पशुपालकों को समय रहते प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।
रेबीज नियंत्रण और सुरक्षा पर फोकस
स्वास्थ्य अधिकारी संजय सोनी के अनुसार इस पहल का उद्देश्य शहर में पालतू और आवारा कुत्तों का बेहतर प्रबंधन करना, रेबीज जैसी बीमारियों की रोकथाम करना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। साथ ही पंजीयन से श्वानों का रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा, जिससे किसी भी शिकायत के निराकरण में आसानी होगी।