राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
कटनी। जिले में अक्षय तृतीया और अन्य विवाह मुहूर्तों के मद्देनजर बाल विवाह रोकने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। प्रशासन ने एक सशक्त, समन्वित और बहुस्तरीय कार्ययोजना लागू करते हुए विकासखंड स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में 6 सदस्यीय दल गठित किए हैं, जो लगातार निगरानी करेंगे।
कलेक्टर आशीष तिवारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बाल विवाह निगरानी समितियां और कोर ग्रुप पूरी सतर्कता के साथ संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक बुराई है, जिसे खत्म करने के लिए समाज और प्रशासन दोनों की सहभागिता जरूरी है।
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं बाल विवाह की सूचना मिले तो तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम, संबंधित एसडीएम या महिला एवं बाल विकास विभाग को जानकारी दें। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 181, 1098 और 100 भी जारी किए गए हैं।
कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि बाल विवाह कराने, सहयोग देने वाले व्यक्ति, संस्था या संगठन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत दोषियों को दो साल तक की सजा या एक लाख रुपये तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास ने हलवाई, कैटरर्स, बैंड-बाजा संचालकों, घोड़ी वालों, धर्मगुरुओं और ट्रांसपोर्टरों से भी अपील की है कि वे बाल विवाह से जुड़े आयोजनों में अपनी सेवाएं न दें, अन्यथा उन्हें भी अपराध में सहयोगी मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा, “बाल विवाह मुक्त भारत” अभियान के तहत बनाए गए ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। यह प्लेटफॉर्म नागरिकों को बाल विवाह की सूचना देने और संबंधित अधिकारियों तक सीधे पहुंचाने में मदद करता है।
प्रशासन का साफ संदेश है—बाल विवाह किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।