केशव साहू जिला ब्यूरो
डोंगरगढ़|राजनांदगांव: भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं सांसद प्रतिनिधि डॉ. तरुण हत्थेल ने लोकसभा में संविधान के 131वें संशोधन विधेयक – महिला आरक्षण बिल – के पारित न हो पाने पर गहरा खेद व्यक्त किया है। उन्होंने इसे “देश की आधी आबादी के लिए दुर्भाग्यपूर्ण” बताया है।
डॉ. हत्थेल ने कहा, “माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने नारी शक्ति वंदन की भावना के साथ महिला आरक्षण बिल संसद पटल पर रखा। 21 घंटे की मैराथन चर्चा हुई, जिसमें 130 सांसदों ने भाग लिया। 56 महिला सांसदों ने भी अपने विचार रखे। इसके बावजूद कुछ विपक्षी दलों की नकारात्मक राजनीति के कारण बिल को दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल सका और यह मात्र 54 वोटों से गिर गया।”
उन्होंने आगे कहा, *”बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि पास होने के लिए 352 वोटों की आवश्यकता थी। यह दर्शाता है कि भाजपा और एनडीए गठबंधन पूरी ईमानदारी से महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार देना चाहता था, परंतु विपक्ष ने वोट नहीं देकर अपनी महिला विरोधी मानसिकता का परिचय दिया है।”
डॉ. तरुण हत्थेल ने याद दिलाया कि *”14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती पर हमने बाबा साहेब के संविधान को आत्मसात करने की बात कही थी। वही संविधान महिलाओं को बराबरी का अधिकार देता है। आज संसद में उस अधिकार को रोकना बाबा साहेब के सपनों के साथ धोखा है।”
उन्होंने जनता से अपील की कि “जो दल सदन में महिलाओं के हक के खिलाफ खड़े हैं, उन्हें जनता आने वाले समय में जवाब देगी। भाजपा का संकल्प है कि हम महिला आरक्षण बिल को पास कराकर ही दम लेंगे। नारी शक्ति का सम्मान ही राष्ट्र शक्ति का सम्मान है।”
डॉ. हत्थेल ने बताया कि भाजपा कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर महिलाओं को इस बिल की जानकारी देंगे और बताएंगे कि कौन-कौन सी पार्टियां उनके हक के रास्ते में रोड़ा बन रही है