रिपोर्ट अजय सिंह तोमर
मुरैना|पोरसा शहर में एटीएम बूथ अब ठगों का सुरक्षित ठिकाना बनते जा रहे हैं। 30 अप्रैल 2026 को एक ही दिन सामने आईं दो अलग-अलग घटनाओं ने बैंक सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गार्ड की गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर ठगों ने दो लोगों को निशाना बनाते हुए कुल 37,500 रुपये उड़ा लिए।
पहला मामला – पंजाब नेशनल बैंक एटीएम
शाम 5 से 6 बजे के बीच पंजाब नेशनल बैंक के सामने स्थित एटीएम पर दो युवकों ने रिटायर्ड जेल पुलिस कर्मचारी भगवती प्रसाद शर्मा को मदद का झांसा देकर उनका एटीएम कार्ड बदल दिया। आरोपी चालाकी से उनका असली कार्ड लेकर फरार हो गए और बाद में खाते से तीन बार में 22,500 रुपये निकाल लिए। पीड़ित को घटना की जानकारी तब लगी जब रकम खाते से साफ हो चुकी थी।
दूसरा मामला – इंडिया एटीएम पर ठगी
इसी दिन एक अन्य एटीएम बूथ पर भी इसी तरह की वारदात सामने आई। शिकायत के अनुसार, ठगों ने पहले से एटीएम में मौजूद रहकर ग्राहक को बहलाया और कार्ड बदलकर उसके खाते से करीब 15,000 रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने अपने आवेदन में पूरी घटना का उल्लेख करते हुए कार्रवाई की मांग की है।
तरीका एक, शिकार कई:
दोनों मामलों में ठगों ने एक ही तरीका अपनाया—
पहले मदद का झांसा फिर बातों में उलझाना और मौका मिलते ही कार्ड बदलकर फरार
जनता में आक्रोश:
लगातार बढ़ रही घटनाओं से लोगों में गुस्सा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि एटीएम बूथों पर सुरक्षा गार्ड नहीं होने से ठगों को खुली छूट मिल रही है।
बड़ा सवाल:
जब एटीएम में कैमरे और सुरक्षा की जिम्मेदारी बैंक की है, तो आखिर इन घटनाओं पर लगाम क्यों नहीं लग रही?
लोगों की मांग:
सभी एटीएम पर तत्काल सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएं
सीसीटीवी फुटेज की जांच कर आरोपियों की गिरफ्तारी हो
बैंक और पुलिस मिलकर जागरूकता अभियान चलाएं
निष्कर्ष:
अगर जल्द ही सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो पोरसा के एटीएम बूथ आम लोगों के लिए खतरे का केंद्र बन जाएंगे और ठग यूं ही लोगों की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ करते रहेंगे।