नरेश सोनी ब्यूरो हजारीबाग।
हजारीबाग:
शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं को जमीनी स्तर तक पहुँचाने की दिशा में नगर निगम ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। नगर आयुक्त के निर्देशानुसार सोमवार (11 मई) को निगम सभागार में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में सभी 36 वार्डों में ‘वार्ड समिति’ के गठन को औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई। झारखंड नगरपालिका अधिनियम की धारा 34 के तहत लिया गया यह निर्णय निगम के इतिहास में पहली बार लागू किया जा रहा है।
सहायक नगर आयुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक
बैठक की अध्यक्षता सहायक नगर आयुक्त-सह-नगरपालिका सचिव विपिन कुमार ने की। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट किया कि वार्ड समितियों के गठन से विकास योजनाओं के चयन और क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी। बैठक में मुख्य रूप से नगर प्रबंधक उपेंद्र कुमार, संतोष कुमार, प्रीतम कुमार सिंह और सतीश कुमार उपस्थित थे।
जोन्स के आधार पर सौंपी गई जिम्मेदारी
प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए सभी सात (7) जोनल अध्यक्षों की मौजूदगी में कार्ययोजना साझा की गई:
विजय प्रसाद: वार्ड 1 से 5
बैद्यनाथ राम: वार्ड 6 से 10
विकास कुमार यादव: वार्ड 11 से 15
रूपाली कुमारी: वार्ड 16 से 20
मिताली रश्मि: वार्ड 21 से 25
दीप रंजन: वार्ड 26 से 30
मो. मुस्तकिम: वार्ड 31 से 36
कैसा होगा वार्ड समिति का स्वरूप?
वार्ड समिति का गठन लोकतांत्रिक और समावेशी तरीके से किया जाएगा:
अध्यक्ष: संबंधित वार्ड के पार्षद इसके पदेन अध्यक्ष होंगे।
सदस्य: आम सभा द्वारा निर्वाचित 2-3 सदस्य, सिविल सोसाइटी/NGO के प्रतिनिधि, अल्पसंख्यक और SC/ST वर्ग के सदस्य शामिल होंगे।
सचिव: नगर आयुक्त द्वारा नामित सदस्य इसके ‘सदस्य सचिव’ के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे।
जनता को क्या होगा फायदा?
यह समिति सीधे तौर पर मोहल्लों की बुनियादी समस्याओं पर काम करेगी। इनके मुख्य कार्यों में वार्ड की विकास योजनाओं का खाका तैयार करना, नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करना, पेयजल की सुचारू उपलब्धता और स्ट्रीट लाइटों का रखरखाव शामिल है। अब वार्ड की समस्याओं के समाधान के लिए निवासियों को सीधे निगम कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि वार्ड समिति के माध्यम से ही योजनाओं का प्रस्ताव भेजा जा सकेगा।