सोनभद्र।
नीट पेपर लीक में अब यह स्पष्ट हो गया है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पेपर आउट करने वालों के साथ गहरे रिश्ते थे और यह सिर्फ एनटीए की विफलता नहीं बल्कि संस्थागत भ्रष्टाचार का एक उदाहरण है। यही नहीं सीबीएसई परीक्षा में भी प्रश्न पत्रों की जांच की प्रणाली को बदल देने से बच्चों के नंबर बेहद कम आए हैं जिससे उनका भविष्य भी अनिश्चितता के हवाले हो गया है। शिक्षा मंत्रालय के स्तर पर हुई इन कार्रवाईयों के कारण अभी तक प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार 17 बच्चों ने आत्महत्या कर ली है। इसलिए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद पर रहने का नैतिक अधिकार नहीं है और उन्हें मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना चाहिए। यह प्रस्ताव रोजगार अधिकार अभियान की वर्चुअल बैठक में लिया गया। प्रस्ताव में इस मांग पर पूरे देश में जारी आंदोलन के साथ एकजुटता व्यक्त की गई।
बैठक में लिए गए प्रस्ताव में कहा गया कि सोशल मीडिया और सड़क पर लगातार नौजवानों का जो आक्रोश दिखाई दे रहा है। यह और कुछ नहीं दरअसल देशी-विदेशी कॉर्पोरेट घरानों के पक्ष में बनी मोदी सरकार की नीतियों के कारण बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा-स्वास्थ्य में संकट और सामाजिक आर्थिक असुरक्षा के खिलाफ लोगों का प्रतिवाद है। आज भी वैश्विक संकट के दौर में कॉर्पोरेट घराने मुनाफा कमाने में लगे हैं। हालत इतनी बुरी है की बड़ी मुश्किल से देश में आयात किए जा रहे पेट्रोलियम पदार्थों को अपने मुनाफे के लिए दूसरे देशों में उच्च दरों पर निर्यात किया जा रहा है। इस भीषण संकट में भी उनकी सम्पत्ति और संख्या में इजाफा हो रहा है। देश की संप्रभुता को दांव पर लगा दिया गया है। अमेरिकी दबाव के आगे भारत सरकार नतमस्तक हो गई है। ऐसी हालत में रोजगार अधिकार अभियान ने देश में रोजगार, शिक्षा-स्वास्थ्य और जन सरोकारों के सवालों को हल करने के लिए कॉर्पोरेट की संपत्ति पर टैक्स लगाने की मांग एक बार फिर से पुरजोर तरीके से उठाई है। बैठक में निर्णय लिया गया कि देश भर में 24 मई को 11 बजे से हैशटैग टैक्सकॉरपोरेटएंडबिलेनियर्स_गारंटीइम्प्लॉयमेंट एक्स पर अभियान चलाया जाएगा। देश के सभी छात्र, युवा संगठनों व आंदोलन से इसमें शामिल होने की अपील की गई। बैठक में रोजगार, सामाजिक अधिकार व जन सरोकार के लिए 9 अगस्त से प्रयागराज से शुरू हो रही रोजगार-सामाजिक अधिकार अभियान की पूर्वांचल यात्रा का समर्थन किया गया और इसमें पूरी ताकत से शामिल होने का निर्णय लिया गया।
बैठक का संचालन अभियान के नेशनल कोऑर्डिनेटर राजेश सचान ने किया। बैठक में जेएनयू के आकाश यादव, आईआईएमसी दिल्ली के हर्शल ठाकुर, अंबेडकर यूनिवर्सिटी के विवेक मिश्रा, लखनऊ यूनिवर्सिटी के दीपक अरोड़ा, दिल्ली से केवल नेगी, स्नेहा व संखा विश्वास, वाराणसी से शम्मी कुमार सिंह, प्रयागराज से अर्जुन प्रसाद व राम बहादुर पटेल, शिमला से सुमित गोरसी, अभय प्रताप सिंह, अभिषेक मिश्रा, सुरेंद्र पांडे, रूबी सिंह , गुंजा गोंड, राजकुमारी गोंड, सविता गोंड, जैनुल आबदीन आदि शामिल रहे।