अरमान खान जिला ब्यूरो I T N NATIONAL रायसेन
मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के ग्राम सेमरी की रहने वाली अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही अंजना यादव ने 27 मई 2026 को सुबह 5:24 बजे विश्व की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट (8848.86 मीटर) को सफलतापूर्वक फतह कर देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया। एक साधारण ग्रामीण परिवार से निकलकर एवरेस्ट की चोटी तक पहुँचना उनकी अथक मेहनत, साहस और दृढ़ संकल्प का परिणाम है।
अंजना यादव ने अपने एवरेस्ट अभियान के दौरान केवल पर्वतारोहण ही नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति का भी संदेश दिया। ऑपरेशन सिंदूर के एक वर्ष पूर्ण होने पर उन्होंने पहले 6119 मीटर ऊँची लाबुचे पीक पर ऑपरेशन सिंदूर का बैनर लहराकर भारतीय सेना के शौर्य और बलिदान को नमन किया था। इसके बाद उन्होंने विश्व की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट पर भी ऑपरेशन सिंदूर का बैनर फहराकर देशवासियों तक राष्ट्रप्रेम और वीर सैनिकों के सम्मान का संदेश पहुँचाया।
अंजना यादव ने अपने अभियान के माध्यम से “फिट इंडिया, हिट इंडिया” का संदेश देते हुए लोगों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की। साथ ही उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए “माँ के नाम एक पेड़” अभियान का संदेश भी दिया और सभी नागरिकों से अपनी माता के सम्मान में कम से कम एक पौधा लगाने का आग्रह किया।
अंजना यादव ने अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. के प्रोत्साहन, सहयोग एवं मार्गदर्शन को देते हुए उनका विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के समर्थन और शुभकामनाओं ने उनके इस कठिन एवरेस्ट अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने यह भी कहा कि पूरे भारतवर्ष का आशीर्वाद, शुभकामनाएँ और प्रेम उनके साथ था, जिसकी बदौलत वे इस चुनौतीपूर्ण अभियान को सफलतापूर्वक पूरा कर सकीं। अंजना यादव ने देशवासियों, अपने परिवार, पति, माता-पिता, मित्रों, समर्थकों तथा उन सभी लोगों का हृदय से धन्यवाद व्यक्त किया जिन्होंने हर कदम पर उनका उत्साहवर्धन किया।
अंजना यादव ने कहा कि यह उपलब्धि देश, प्रदेश, परिवार, समर्थकों और उन सभी लोगों को समर्पित है जिन्होंने उनके सपनों को साकार करने में सहयोग दिया। उनकी यह सफलता विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है।
एवरेस्ट विजय के बाद अंजना यादव 1 जून 2026 को भारत वापस लौट रही हैं, जहाँ उनके भव्य स्वागत की तैयारियाँ की जा रही हैं। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मजबूत इरादों और निरंतर प्रयास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।