राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में नामांकन मैपिंग की धीमी प्रगति पर जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने सबसे कम प्रगति वाले दो विकासखंड स्त्रोत समन्वयकों (बीआरसी) की वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि शिक्षा विभाग के मैदानी अमले का वेतन भी निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति से जोड़ा जाएगा।
समीक्षा बैठक में सीईओ ने निर्देश दिए कि बीआरसी, बीएसी, जन शिक्षक एवं संबंधित शाखा प्रभारियों का मई माह का वेतन 90 प्रतिशत नामांकन मैपिंग पूर्ण होने पर तथा जून माह का वेतन शत-प्रतिशत मैपिंग पूर्ण होने पर ही आहरित किया जाए। उन्होंने कहा कि लक्ष्य प्राप्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम पर भी सख्ती
बैठक में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए सुश्री कौर ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसी, बीएसी, संकुल प्राचार्य, जन शिक्षक, प्रधान अध्यापक एवं शिक्षकों की जवाबदेही तय की। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी समन्वय बनाकर कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए गंभीरता से कार्य करें।
सीईओ ने चेतावनी देते हुए कहा कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पंजीयन एवं परीक्षा में उपस्थिति सुनिश्चित नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जर्जर स्कूल भवनों के डिस्मेंटल कार्य की ली जानकारी
बैठक में जर्जर शाला भवनों, शौचालयों एवं बाउंड्री वॉल को हटाने की कार्रवाई की भी विकासखंडवार समीक्षा की गई। सीईओ ने निर्देश दिए कि जहां भी डिस्मेंटल का कार्य शेष है, उसे प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
इसके अलावा अपार आईडी निर्माण, कक्षा पहली तथा पांचवीं से आठवीं तक के प्रवेश, पाठ्यपुस्तक एवं साइकिल वितरण, एफएलएन, यू-डाइस और छात्रावास प्रवेश की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला परियोजना समन्वयक को सभी योजनाओं में तेजी लाकर बेहतर प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी राजेश अग्रहरि, जिला परियोजना समन्वयक प्रेम नारायण तिवारी सहित शिक्षा विभाग के विभिन्न अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।