फतेहगंज पश्चिमी।
करीब एक माह से चल रहे यूकेलिप्टस के पेड़ों और कृषि भूमि के स्वामित्व विवाद में शनिवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विवादित लकड़ी को कुर्क कर थाने में जमा करा दिया। एसडीएम निधि शुक्ला के आदेश पर राजस्व और पुलिस टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर कटी हुई लकड़ी को ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर थाना परिसर पहुंचाया।
मामला थाना क्षेत्र के गांव मीरापुर के मजरा खिलचीपुर का है, जहां स्थित कृषि भूमि पर शाही निवासी पप्पू प्रधान और हरियाणा निवासी राजीव राणा अपना-अपना स्वामित्व दावा कर रहे हैं। विवादित भूमि पर खड़े लगभग 650 यूकेलिप्टस के पेड़ भी दोनों पक्षों के बीच विवाद का केंद्र बने हुए हैं।
बताया जाता है कि करीब एक माह पूर्व पप्पू प्रधान द्वारा कुछ यूकेलिप्टस के पेड़ कटवा दिए गए थे, जिस पर दूसरे पक्ष राजीव राणा ने कड़ी आपत्ति जताई थी। विवाद बढ़ने पर पुलिस और प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा और मौके पर पहुंचकर पेड़ों का कटान रुकवा दिया गया था। बाद में मामला एसडीएम कोर्ट पहुंचा, जहां पुलिस रिपोर्ट के आधार पर कटी हुई लकड़ी को कुर्क करने के आदेश जारी किए गए।
शनिवार को नायब तहसीलदार अरविंद कुमार और थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीन कुमार के नेतृत्व में राजस्व व पुलिस टीम मौके पर पहुंची। दलदली और दुर्गम रास्तों से गुजरते हुए टीम ने पूरी कटी हुई लकड़ी को ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरवाकर थाने में सुरक्षित जमा करा दिया।
नायब तहसीलदार अरविंद कुमार और थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीन कुमार ने बताया कि लकड़ी फिलहाल प्रशासनिक अभिरक्षा में रहेगी। जांच रिपोर्ट और सक्षम अधिकारी के अंतिम आदेश के बाद ही इसका निस्तारण कर संबंधित पक्ष को सौंपा जाएगा।
वहीं राजीव राणा का कहना है कि उन्होंने लगभग 15 वर्ष पूर्व इन यूकेलिप्टस के पेड़ों का रोपण कराया था। एक बार पेड़ों की कटाई भी कराई जा चुकी थी और पेड़ों की पेड़ी दोबारा तैयार हो गई थी, जिसे दूसरे पक्ष ने कटवा दिया था।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और दोनों पक्षों की निगाहें अब एसडीएम कोर्ट के अंतिम निर्णय पर टिकी हुई हैं।
प्रवन पाण्डेय इंडियन टीवी न्यूज़ जिला संवाददाता बरेली