किशोर कुमार छत्तीसगढ़ स्टेट रिपोर्टर इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
रायपुर/दुर्ग/धमतरी/कोरबा/सरगुजा।
छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जिला खनिज न्यास निधि (DMF) घोटाले और भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाले की जांच के तहत मंगलवार को कई जिलों में एक साथ छापेमारी की।
ईडी की टीम ने रायपुर, दुर्ग, धमतरी, कोरबा और अंबिकापुर सहित कई स्थानों पर कार्रवाई करते हुए संबंधित व्यक्तियों और संस्थानों के परिसरों की तलाशी ली।
जांच का केंद्र भारतमाला परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान दिए गए मुआवजे में कथित अनियमितताएं और DMF फंड के उपयोग में हुई संभावित गड़बड़ियां हैं।
धमतरी में कारोबारी के ठिकानों पर जांच
सूत्रों के अनुसार, धमतरी में कारोबारी एवं ठेकेदार दीपेश गांधी के ठिकानों पर भी ईडी की टीम ने तलाशी अभियान चलाया।
इस दौरान जमीन से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड, कंप्यूटर हार्ड डिस्क, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की जा रही है। अधिकारियों द्वारा डिजिटल डेटा और लेनदेन से संबंधित जानकारी भी खंगाली जा रही है।
रानू साहू के आवास पर भी कार्रवाई की सूचना
DMF घोटाले की जांच के सिलसिले में पूर्व आईएएस अधिकारी रानू साहू के आवास पर भी ईडी की कार्रवाई की सूचना सामने आई है। एजेंसी कथित वित्तीय लेनदेन और दस्तावेजों की जांच कर रही है।
जांच जारी
बताया जा रहा है कि भारतमाला परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण में बड़े पैमाने पर कथित हेरफेर के इनपुट मिलने के बाद ईडी ने यह कार्रवाई की है। फिलहाल एजेंसी की जांच जारी है और आधिकारिक रूप से जब्ती या बरामदगी का विस्तृत विवरण जारी नहीं किया गया है।
ईडी की इस बहु-जिला कार्रवाई को प्रदेश में हाल के समय की बड़ी जांच कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में संभावित अनियमितताओं और आगे की कानूनी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।