कैमोर। डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच आम नागरिकों को जागरूक और सतर्क बनाने के उद्देश्य से “सेफ क्लिक 2.0” साइबर सुरक्षा अभियान के तहत शुक्रवार को कैमोर नगर परिषद कार्यालय में व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा संचालित इस अभियान का उद्देश्य नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, साइबर धोखाधड़ी और डिजिटल अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करना है।
कार्यक्रम के दौरान कैमोर पुलिस थाना से आशीष शर्मा,अमित तिवारी, अंकुल बागरी, चंद भान विश्वकर्मा ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को साइबर अपराधों के बदलते स्वरूप, ऑनलाइन ठगी के नए-नए तरीकों तथा उनसे बचाव के प्रभावी उपायों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज के समय में साइबर अपराधी फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, नकली वेबसाइट, ओटीपी और बैंकिंग जानकारी प्राप्त कर लोगों को आर्थिक नुकसान पहुँचा रहे हैं। ऐसे मामलों में थोड़ी-सी लापरवाही भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है।
उन्होंने सभी से अपील की कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी, बैंक खाता, एटीएम, यूपीआई पिन या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांचें और सोशल मीडिया या मोबाइल पर प्राप्त होने वाले आकर्षक ऑफरों के झांसे में न आएं।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी या साइबर अपराध का शिकार हो जाता है, तो बिना समय गंवाए तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर की गई शिकायत से ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है। साथ ही नागरिकों से साइबर अपराध की शिकायत राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर दर्ज कराने की भी अपील की गई।
इस अवसर पर नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी मनीष परते ने कहा कि डिजिटल सेवाओं का सुरक्षित उपयोग प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे स्वयं सतर्क रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।
कार्यक्रम में स्वच्छता निरीक्षक पृथ्वीराज सिंह, राजस्व विभाग से राम किकर तिवारी, बिहारी लाल यादव, सुशील कुमार दुबे सहित नगर परिषद के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने साइबर सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कर सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने का संकल्प लिया।
यह जागरूकता अभियान केवल सरकारी कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज में डिजिटल सुरक्षा का व्यापक संदेश देने का प्रभावी माध्यम भी बना। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक के इस दौर में जागरूकता, सतर्कता और समय पर शिकायत ही साइबर अपराधों के विरुद्ध सबसे बड़ा हथियार है। ऐसे अभियान नागरिकों में विश्वास बढ़ाने के साथ-साथ सुरक्षित डिजिटल भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इंडियन टीवी न्यूज़ कैमोर से श्याम गुप्ता के साथ सुनील सिंगोते