दुद्धी सोनभद्र।(विवेक सिंह) उत्तर प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग के तहत लखनऊ स्थित अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान द्वारा जया डिजिटल लाइब्रेरी में आयोजित सात दिवसीय बोधि पथ कार्यशाला का समापन प्रेरणादायक माहौल में हुआ। समापन समारोह में छात्रों को नशे से दूर रहने, सामाजिक बुराइयों का विरोध करने और पर्यावरण संरक्षण हेतु जागरूक किया गया।
कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में नैतिक मूल्य, करुणा और अहिंसा का भाव विकसित करना बताया गया। कार्यक्रम में मौजूद विशेषज्ञों ने कहा कि तंबाकू, शराब व अन्य मादक पदार्थों की लत व्यक्ति तथा परिवार के साथ समाज के लिए घातक है और युवाओं को इससे बचने का दृढ़ संकल्प लेना चाहिए। वक्ताओं ने हिंसा, भेदभाव और असहिष्णुता जैसी सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने व जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया।
वक्ताओं ने भगवान बुद्ध के करुणा, अहिंसा, संयम और मध्यम मार्ग के सिद्धांतों को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उनका कहना था कि ये जीवन-मूल्य युवा पीढ़ी को एक संवेदनशील और सजग समाज बनाने में मदद करेंगे।
कार्यशाला के संयोजक बी0 के0 जायसवाल ने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षात्मक सफलता तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसके साथ अच्छे संस्कार, सामाजिक उत्तरदायित्व और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता भी विकसित करनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से नशामुक्त जीवन अपनाने तथा पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया।
समापन अवसर पर छात्रों को सिंगल यूज़ प्लास्टिक के प्रयोग से बचने, कपड़े या जूट के थैले इस्तेमाल करने और स्वच्छ-हरित पर्यावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित कर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने आशा जताई कि यह कार्यशाला छात्रों में नैतिक चेतना व सकारात्मक सामाजिक दृष्टिकोण विकसित करने में सहायक होगी।