तीन वर्षों से बदहाल संपर्क मार्ग, कटीले तारों के बीच कॉलेज पहुंचने को मजबूर हैं छात्र-छात्राएं और शिक्षक
फतेहगंज पश्चिमी। सरकार जहां शिक्षा को प्राथमिकता देने और छात्र-छात्राओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं नगर पंचायत फतेहगंज पश्चिमी स्थित राजकीय इंटर कॉलेज के विद्यार्थियों की शिक्षा की राह आज भी कीचड़ में फिसल रही है। कॉलेज तक पहुंचने वाला संपर्क मार्ग बदहाल होने के कारण छात्र-छात्राओं और शिक्षकों का प्रतिदिन कॉलेज पहुंचना किसी जोखिम भरे सफर से कम नहीं रह गया है।
फतेहगंज-चिटौली मार्ग पर नगर पंचायत सीमा के अंतर्गत संचालित इस राजकीय इंटर कॉलेज में लगभग 200 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। पिछले तीन वर्षों से कॉलेज तक जाने वाला रास्ता कीचड़ और जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। हालत यह है कि आए दिन छात्र-छात्राएं और स्टाफ सदस्य रास्ते में फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। समस्या इतनी गंभीर हो चुकी है कि कई विद्यार्थियों ने विद्यालय आना तक छोड़ दिया है, जिससे उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही है।
कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. प्रवेश कुमारी उपाध्याय ने बताया कि संपर्क मार्ग के दोनों ओर किसानों द्वारा कटीले ब्लेड युक्त तार लगाए गए हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका और बढ़ गई है। कई छात्र फिसलकर इन तारों की चपेट में आ चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए स्थानीय विधायक डॉ. डी.सी. वर्मा, नगर पंचायत अध्यक्ष इमराना बेगम तथा उपजिलाधिकारी को कई बार लिखित प्रार्थना पत्र दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपये के विकास बजट के बावजूद सरकारी विद्यालय के छात्र सुरक्षित रास्ते की सुविधा से क्यों वंचित हैं? क्या शिक्षा के मंदिर तक पहुंचने के लिए विद्यार्थियों को अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ेगी?
वहीं, इस मामले में चेयरमैन प्रतिनिधि हारुन चौधरी ने कहा कि राजकीय इंटर कॉलेज तक पहुंचने वाले संपर्क मार्ग की समस्या उनके संज्ञान में है। छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और सुविधा नगर पंचायत की प्राथमिकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित कर जल्द से जल्द मार्ग को दुरुस्त कराने की कार्रवाई शुरू कराई जाएगी, ताकि विद्यार्थियों और शिक्षकों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि कब इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान देते हैं या फिर देश के भविष्य को यूं ही कीचड़ और खतरे के बीच अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए संघर्ष करना पड़ेगा।
प्रवन पाण्डेय
इंडियन टीवी न्यूज़
जिला संवाददाता बरेली