शहडोल पुलिस को खुली चुनौती: दिल्ली नंबर की ‘हुड़दंगी’ वैगनआर सड़कों पर काट रही बवाल, साइलेंसर के कानफोड़ू धमाकों से जनता त्रस्त, आखिर कब जागेगा प्रशासन?शहडोल। शहडोल संभाग की शांत सड़कों पर इन दिनों एक सफ़ेद रंग की मॉडिफाइड मारुति सुजुकी वैगनआर कार खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ा रही है। दिल्ली पासिंग नंबर DL 9C AC 0224 और गाड़ी के पीछे बड़े अक्षरों में “NAYAB” लिखवाकर घूमने वाला यह हुड़दंगी युवक स्थानीय पुलिस और ट्रैफिक विभाग के इकबाल को सीधी चुनौती दे रहा है। सोशल मीडिया (इंस्टाग्राम आईडी: g.d.nayab_) पर इस गाड़ी के स्टंट और मॉडिफिकेशन के वीडियो धड़ल्ले से वायरल हो रहे हैं, लेकिन स्थानीय पुलिस अब तक हाथ पर हाथ धरे बैठी है।साइलेंसर के पटाखे और मॉडिफिकेशन का आतंक:कानफोड़ू ध्वनि प्रदूषण: इस कार में कंपनी का ओरिजिनल साइलेंसर हटाकर एक बेहद तीखा और तेज आवाज वाला अवैध ‘मॉडिफाइड एग्जॉस्ट’ लगाया गया है। जब यह गाड़ी सड़कों से गुजरती है, तो इसके साइलेंसर से निकलने वाले पटाखे जैसी आवाज से बुजुर्गों, दिल के मरीजों और राहगीरों के कान सुन्न हो जाते हैं।अंधा कर देने वाली रूफ लाइट्स: कार की छत पर भारी मात्रा में अवैध मार्कर और फ्लैशर लाइट्स लगाई गई हैं। रात के समय यह हुड़दंगी इन लाइट्स को जलाकर सड़कों पर निकलता है, जिससे सामने से आ रहे वाहन चालकों की आंखें चौंधिया जाती हैं और किसी भी वक्त बड़ी दुर्घटना हो सकती है।पुलिस को चकमा देने की साजिश: गाड़ी की नंबर प्लेट को जानबूझकर नियमों के खिलाफ तिरछा और आधा छिपाकर लगाया गया है, ताकि ट्रैफिक कैमरे या पुलिस इसका नंबर नोट न कर सकें। इसके अलावा पूरी गाड़ी पर प्रतिबंधित डार्क फिल्म और स्टिकर लगाए गए हैं।तत्काल गाड़ी ज़ब्त करने की मांग, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल:मोटर व्हीकल एक्ट के कड़े नियमों के बावजूद, शहडोल की व्यस्त सड़कों और रिहायशी इलाकों में इस तरह की अवैध गाड़ी का लगातार घूमना स्थानीय ट्रैफिक पुलिस की पेट्रोलिंग पर गंभीर सवालिया निशान खड़े करता है। रसूख और सोशल मीडिया रील्स के चक्कर में आम जनता के सुकून और सुरक्षा को दांव पर लगा दिया गया है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस मामले में केवल कागजी चालान से काम नहीं चलेगा। शहडोल पुलिस अधीक्षक (SP) और परिवहन विभाग (RTO) को तत्काल संज्ञान लेते हुए इस खतरनाक वाहन को सीधे ज़ब्त (Seize) करना चाहिए और इसके मालिक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। यदि जल्द ही इस हुड़दंगी पर नकेल नहीं कसी गई, तो जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी।