मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज, ओडिशा राज्य संवाददाता।
सारसकणा, 31/08: मयूरभंज जिले के सारसकणा ब्लॉक अंतर्गत झारपोखरिया स्थित सीमांत महाविद्यालय परिसर में सोमवार को संस्कृत सप्ताह के अवसर पर एक विशेष सभा एवं संस्कृत पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
महाविद्यालय के प्राचार्य श्री प्रह्लाद अगस्ति की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में संस्कृत भाषा के महत्व, प्राचीनता तथा वर्तमान समाज में इसकी आवश्यकता को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।सभा को संबोधित करते हुए प्राचार्य श्री प्रह्लाद अगस्ति ने संस्कृत दिवस एवं संस्कृत सप्ताह मनाने के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा भारतीय ज्ञान, साहित्य एवं संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए इसके संरक्षण, संवर्धन तथा प्रचार-प्रसार के लिए सभी को गंभीरता से प्रयास करना आवश्यक है।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लक्ष्मीकांत महाविद्यालय के संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रोफेसर श्री परेश चंद्र दास शामिल हुए। उन्होंने विद्यार्थियों को संस्कृत भाषा की वैज्ञानिक पृष्ठभूमि, प्राचीनता तथा इसकी समृद्ध साहित्यिक परंपरा के बारे में जानकारी दी। साथ ही संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए सरकार की ओर से उठाए जा रहे विभिन्न कदमों पर भी उन्होंने चर्चा की।इसी क्रम में प्रशासनिक अधिकारी श्री अनिल कुमार झा तथा प्रोफेसर श्री रंजन कुमार महांती ने अपने संबोधन में बताया कि संस्कृत भाषा और साहित्य ने भारतीय समाज, परंपरा एवं संस्कृति को लंबे समय से किस प्रकार प्रभावित किया है।संस्कृत सप्ताह के अवसर पर महाविद्यालय के सम्मेलन कक्ष में एक आकर्षक संस्कृत पुस्तक प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रदर्शनी में विभिन्न संस्कृत पुस्तकें तथा साहित्य से संबंधित सामग्री प्रदर्शित की गई। विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और संस्कृत भाषा एवं साहित्य के प्रति अपनी रुचि व्यक्त की।कार्यक्रम के सफल आयोजन में लेफ्टिनेंट निहार रंजन महांती, अजय कुमार परिड़ा, सप्नेश्वरी मुर्मू, डॉ. स्निग्धा आचार्य, डॉ. राम किशोर हरिजन, प्राचीप्रभा पढ़िआरी, धरित्री बेहरा तथा निरोज रंजन महांती सहित महाविद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों ने सहयोग किया।अंत में प्राध्यापक श्री रमेश चंद्र बानरा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।