ढाई करोड़ के प्रवेश द्वार में भ्रष्टाचार की बू! नगर पालिका इंजीनियर और ठेकेदार पर उठे सवाल
मैहर। करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे भव्य प्रवेश द्वार के निर्माण को लेकर अब गुणवत्ता और निर्माण सामग्री पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। करोड़ों रुपये की इस परियोजना में जहां जनता बेहतर और मजबूत निर्माण की उम्मीद कर रही है, वहीं निर्माण कार्य को लेकर लगातार सामने आ रही शिकायतों ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिया है। सबसे बड़ा सवाल नगर पालिका के जिम्मेदार इंजीनियर और निर्माण एजेंसी के ठेकेदार की भूमिका को लेकर उठ रहा है। आखिर निर्माण कार्य की तकनीकी निगरानी किस स्तर पर की जा रही है? इंजीनियर ने अब तक कितनी बार मौके पर पहुंचकर निर्माण की गुणवत्ता जांची? निर्माण में इस्तेमाल हो रही सामग्री के सैंपल लिए गए या नहीं? यदि सैंपल लिए गए तो उनकी गुणवत्ता जांच रिपोर्ट कहां है?
अध्यक्ष पति ने कई बार किया निरीक्षण, फिर गुणवत्ता पर नजर क्यों नहीं?
बताया जा रहा है कि नगर पालिका अध्यक्ष पति संतोष सोनी ने भी प्रवेश द्वार के निर्माण स्थल का कई बार निरीक्षण किया। इसके बावजूद निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में सवाल यह है कि निरीक्षण के दौरान आखिर किन बिंदुओं की जांच की गई?यदि मौके पर सब कुछ मानकों के अनुरूप था, तो निर्माण सामग्री और गुणवत्ता को लेकर शिकायतें लगातार क्यों सामने आ रही हैं? क्या निरीक्षण केवल औपचारिकता बनकर रह गया, या फिर तकनीकी गुणवत्ता की वास्तविक जांच नहीं हुई?
क्या ठेकेदार को मिल रहा है अभयदान?
करोड़ों रुपये की परियोजना में यदि निर्माण मानकों की अनदेखी या घटिया सामग्री के इस्तेमाल की शिकायतें सामने आती हैं, तो इसकी जवाबदेही तय होना जरूरी है। सवाल यह भी उठ रहा है कि कहीं संबंधित ठेकेदार को किसी प्रकार का अभयदान तो नहीं मिला हुआ है यह आरोप जांच का विषय है, लेकिन प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि निर्माण कार्य की निगरानी कौन कर रहा है और अब तक ठेकेदार के कार्य की गुणवत्ता का परीक्षण किस स्तर पर हुआ है।
जनता का सीधा सवाल
ढाई करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं तो गुणवत्ता की गारंटी कौन देगा नगर पालिका इंजीनियर ने कितनी बार निरीक्षण किया निर्माण सामग्री की गुणवत्ता किसने जांची
क्या सामग्री के सैंपल लेकर लैब टेस्ट कराया गया निरीक्षण के दौरान मिली कमियों पर क्या कार्रवाई हुई और यदि जांच में अनियमितता मिलती है तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी मैहर की नई पहचान बनने वाला यह प्रवेश द्वार कहीं जनता के करोड़ों रुपये की लागत के बावजूद विवादों और सवालों की पहचान न बन जाए। अब जिला प्रशासन और नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों को सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और निष्पक्ष तकनीकी जांच करानी चाहिए।