बाल दिव्यांग प्रमाणीकरण अभियान में 705 दिव्यांगजनों का पंजीयन
बालोद, छत्तीसगढ़, 11 सितंबर 2026: बाल दिव्यांग प्रमाणीकरण अभियान 2026 के तीसरे दिन गुण्डरदेही विकासखंड के दिव्यांगजन शिविर में शामिल हुए। अभियान के तहत आयोजित शिविर में कुल 705 दिव्यांगजनों का पंजीयन किया गया। इस दौरान पात्र दिव्यांगजनों को प्रमाण-पत्र, यूनिक आईडी कार्ड, उपकरण, छात्रवृत्ति और अन्य सुविधाओं से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार समाज कल्याण विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ‘हर पात्र बच्चे तक प्रमाण-पत्र और अधिकार’ कार्यक्रम के तहत शिविर आयोजित किया जा रहा है।
समाज कल्याण विभाग के उप संचालक अजय गेडाम ने बताया कि शिविर में 40 दिव्यांगजनों के नवीन दिव्यांग प्रमाण पत्र तथा 31 दिव्यांगजनों के प्रमाण पत्र का नवीनीकरण कर उन्हें तत्काल प्रदान किया गया। इसके अलावा 35 दिव्यांगजनों के यूनिक आईडी कार्ड, 53 दिव्यांगजनों के उपकरण, 42 दिव्यांगजनों के छात्रवृत्ति, 85 दिव्यांगजनों के फिजियोथैरेपी तथा 115 दिव्यांगजनों के विशेष शिक्षा के लिए पंजीयन किया गया।
चार दिव्यांगजनों के कृत्रिम पैर के लिए पंजीयन कर माप लिया गया। वहीं 41 छात्र-छात्राओं का सिकलसेल जांच के लिए ब्लड सैंपल लिया गया।
शिविर में 53 छात्र-छात्राओं में स्पेसिफिक लर्निंग दिव्यांगता के लक्षण पाए गए। इनकी रिपोर्ट परीक्षण के लिए जिला अस्पताल बालोद एवं सीआरसी राजनांदगांव भेजी जा रही है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद पात्र बच्चों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।
दिव्यांगजनों और परिजनों को योजनाओं की जानकारी
शिविर में समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित घरौंदा आश्रय गृह में निवासरत 40 दिव्यांगजनों को विशेष शिक्षा से संबंधित जानकारी दी गई। शिविर में दिव्यांग बच्चों के साथ उनके परिजन भी उपस्थित रहे। विभाग की ओर से उन्हें पेंशन, उपकरण एवं छात्रवृत्ति से संबंधित आवेदन फार्म उपलब्ध कराए गए।
दिव्यांगजनों और उनके परिजनों को समाज कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं, जिला निःशक्त पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी), घरौंदा आश्रय गृह एवं स्वावलंबन केंद्र के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
परिवहन और भोजन की भी व्यवस्था
शिविर में दिव्यांगजनों एवं उनके सहायकों के लिए अल्पाहार और भोजन की व्यवस्था की गई। साथ ही दिव्यांगजनों को उनके निवास स्थल से शिविर स्थल तक लाने और कार्यक्रम के बाद सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए बस की व्यवस्था की गई।
शिविर में समाज कल्याण विभाग, जिला निःशक्त पुनर्वास केंद्र, समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित स्वैच्छिक संस्थाओं, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं जनपद पंचायत गुण्डरदेही के संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।
