एक सप्ताह में फोटोग्राफ सहित सत्यापन रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश, कार्यों में तेजी लाने पर जोर
झांसी। जिलाधिकारी श्री गौरांग राठी ने विकास भवन सभागार में निर्माणाधीन परियोजनाओं के सत्यापन एवं प्रगति की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने करीब एक दर्जन अधिकारियों द्वारा 57 कार्यों की सत्यापन रिपोर्ट उपलब्ध न कराए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर फोटोग्राफ सहित सत्यापन रिपोर्ट डीएसटीओ कार्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों की समीक्षा येलो, ग्रीन और रेड कैटेगरी के आधार पर की। बैठक में उनका विशेष फोकस रेड कैटेगरी में शामिल धीमी गति अथवा रुके हुए कार्यों पर रहा। उन्होंने कहा कि सभी कार्यदायी संस्थाएं अनुबंध में निर्धारित समय-सीमा के भीतर निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ तेजी से पूर्ण कराना सुनिश्चित करें, ताकि परियोजनाओं का लाभ समय से आमजन को मिल सके।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए स्वयं भी विभिन्न परियोजनाओं का औचक निरीक्षण किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि कार्यों की प्रगति के साथ-साथ गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।
समीक्षा के दौरान उत्तर प्रदेश जल निगम अर्बन द्वारा कराई जा रही नगरपालिका परिषद मऊरानीपुर एवं चिरगांव की पेयजल पुनर्गठन योजनाओं के साथ झांसी वाटर सप्लाई ऑर्गेनाइजेशन स्कीम फेज-2 की प्रगति की जानकारी ली गई। जिलाधिकारी ने सभी कार्य निर्धारित समय में पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
सड़क परियोजनाओं की समीक्षा में वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत झांसी से गंगावली संपर्क मार्ग के 11.250 किलोमीटर लंबे मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण तथा इम्लोटा से नहर रोड तक मार्ग निर्माण की प्रगति जानी गई। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता श्री रजनीश गुप्ता ने बताया कि झांसी-गंगावली संपर्क मार्ग का कार्य इसी माह पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके अलावा मोंठ-भाण्डेर मार्ग से भरोसा-छपार-पुलगहना-शाहजहांपुर-खजूरी होते हुए मध्य प्रदेश सीमा तक मार्ग के दो लेन चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
50 लाख रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान राजकीय मेडिकल कॉलेज, झांसी में टाइप-4 के 29 आवासों के जीर्णोद्धार कार्य की प्रगति पर जिलाधिकारी ने असंतोष जताया। यूपी प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा कराए जा रहे इस कार्य की अब तक करीब 50 प्रतिशत प्रगति होने पर उन्होंने कार्य में तेजी लाने और गुणवत्ता के साथ जल्द पूरा कर हैंडओवर करने के निर्देश दिए।
वहीं, करीब 14 करोड़ रुपये से अधिक लागत से निर्माणाधीन वीरांगना झलकारी बाई राजकीय महिला पॉलिटेक्निक की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि ग्राउंड फ्लोर और प्रथम तल की स्लैब का कार्य पूरा हो चुका है। चिनाई, प्लास्टर तथा आंतरिक दीवारों की पुट्टी का कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है। जिलाधिकारी ने शेष कार्यों को शीघ्र पूरा कराने के साथ परियोजना का स्वयं निरीक्षण करने की बात कही।
शिक्षा विभाग से संबंधित डायट में चारदीवारी, लैब एवं स्टाफ रूम की मरम्मत तथा गर्ल्स हॉस्टल निर्माण की भी समीक्षा की गई। गर्ल्स हॉस्टल में उपलब्ध धनराशि के सापेक्ष मात्र 10 प्रतिशत भौतिक प्रगति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि जिन संस्थाओं के कार्य बजट के अभाव में प्रभावित हो रहे हैं, वे तत्काल शासन को पत्र भेजकर आवश्यक बजट की मांग करें, ताकि निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्री रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी श्री रजनीश गुप्ता, अधिशासी अभियंता आरईएस श्री रजनीश कुमार, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी श्री दीपांकर चौधरी, डीएसटीओ डॉ. अर्चना सिंह, अधिशासी अभियंता सीडी-3 श्री एके सिंह सहित पर्यटन, पशुपालन, कृषि विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी एवं विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे।
