चांदपुर।
बिजनौर जनपद के चांदपुर शहर में वीर शहीद अब्दुल हमीद (परमवीर चक्र) एवं प्रख्यात कवि-शायर दुष्यंत कुमार की स्मृति में “शौर्य और साहित्य दिवस” का शानदार आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दोनों महान विभूतियों के देश, समाज और साहित्य के लिए किए गए योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने वीर अब्दुल हमीद के अदम्य साहस, देशभक्ति और सर्वोच्च बलिदान तथा दुष्यंत कुमार के साहित्य, सामाजिक सरोकार और आम आदमी की आवाज़ को प्रमुखता से याद किया। दुष्यंत कुमार की प्रसिद्ध पंक्तियाँ “सिर्फ़ हंगामा खड़ा करना मेरा मक़सद नहीं, मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए”
उनकी साहित्यिक चेतना और समाज में बदलाव की भावना को बखूबी व्यक्त करती हैं। वक्ताओं ने कहा कि वीर अब्दुल हमीद का शौर्य देश की आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है, वहीं दुष्यंत कुमार की रचनाएँ समाज में जागरूकता और बदलाव की चेतना पैदा करती हैं।
कार्यक्रम में शमीम, नज़ाकत अली, फ़िरोज़ ख़ान, इसरार, लद्दन, दुष्यंत कुमार,अंशोदया, रोहन शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मेजर दानिश फारूकी, विशिष्ट अतिथि अधिवक्ता शैलेंद्र, संयोजक जकीउल नासिर तथा संचालक डॉ. रफ़त रहे। कार्यक्रम के अंत में इदरीस देशवाल ने सभी अतिथियों, आयोजकों एवं उपस्थित लोगों का शुक्रिया अदा किया तथा वीर अब्दुल हमीद और दुष्यंत कुमार दोनों महानुभावों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।