सोनभद्र। जल जीवन मिशन के तहत ‘हर घर नल’ योजना की जमीनी हकीकत जानने के लिए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने सोमवार को अधिकारियों की रिपोर्ट के बजाय सीधे ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों से बात की। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान डीएम ने मोबाइल फोन से कई ग्राम पंचायतों के प्रधानों व ग्रामीणों से पेयजल आपूर्ति का फीडबैक लिया।
बातचीत के दौरान कई गांवों में नियमित पेयजल आपूर्ति न होने की शिकायतें सामने आईं। ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने पटवध समूह पेयजल योजना से संबंधित कंपनी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए और संबंधित सहायक अभियंता के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि करने को कहा।
डीएम ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए कि पटवध समूह पेयजल योजना से जुड़े ग्रामों में टीम गठित कर जलापूर्ति की वास्तविक स्थिति की जांच कराई जाए। टीम का गठन दो दिन के भीतर होगा, जबकि पाइपलाइन, घरेलू कनेक्शन, पानी की उपलब्धता और नियमित आपूर्ति की विस्तृत जांच रिपोर्ट पांच दिन में प्रस्तुत की जाएगी।
डीएम ने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों को नियमित एवं सुचारु पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। जल जीवन मिशन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी; जिम्मेदारी तय कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
बता दे कि सोनभद्र में ‘हर घर नल’ योजना की जमीनी स्थिति पर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। सरकारी आंकड़ों में बड़ी संख्या में गांवों और घरों को नल कनेक्शन से जोड़ा जाना बताया गया है, लेकिन कई क्षेत्रों में पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने, नलों में पानी न आने और अपर्याप्त जलापूर्ति की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।