सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लोकप्रिय प्रत्याशी एवं शिक्षाविद् डॉ. राहुल राज ने सीवान जिले के विभिन्न प्रखंडों में माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा प्राचार्यों से प्रत्यक्ष मुलाकात कर उनकी समस्याओं, अपेक्षाओं और सुझावों को गंभीरता से सुना। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों के साथ आत्मीय संवाद स्थापित करते हुए कहा कि शिक्षक समुदाय के सम्मान, अधिकार और जायज समस्याओं के समाधान के लिए उनका प्रयास निरंतर जारी रहेगा। डॉ. राहुल राज ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों का भविष्य ही नहीं गढ़ते, बल्कि समाज और राष्ट्र की दिशा भी निर्धारित करते हैं। ऐसे में शिक्षकों की समस्याओं की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे विगत तीन-चार वर्षों से शिक्षक हितों के लिए लगातार प्रयासरत हैं और आगे भी शिक्षकों की आवाज को संबंधित विभागों, अधिकारियों तथा सक्षम मंचों तक मजबूती से पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे। नामांकन के पश्चात शिक्षकों में डॉ. राहुल राज के प्रति समर्थन और विश्वास दृढ़ होता नजर आ रहा है। डॉ. राहुल राज ने कहा कि शिक्षकों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए उनकी सेवा-संबंधी समस्याओं का समाधान आवश्यक है। वेतनमान, समान काम के लिए समान वेतन, सेवा-सुरक्षा, पुरानी पेंशन योजना (OPS), लंबित पदोन्नति, एमएसीपी (MACP) का लाभ, स्थानांतरण नीति में व्यावहारिक सुधार, आवास भत्ता सहित अन्य भत्तों में समानता तथा कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा जैसे मुद्दे शिक्षक समुदाय के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि नियोजित, विशिष्ट, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षकों सहित विभिन्न शिक्षक संवर्गों की समस्याओं को उनकी सेवा-शर्तों और पात्रता के अनुरूप गंभीरता से उठाया जाना चाहिए। वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों की समस्याएं, लंबित भुगतान, अतिथि शिक्षकों की सेवा-संबंधी अपेक्षाएं तथा शिक्षकों के व्यावसायिक सम्मान और कार्यस्थल की गरिमा भी गंभीर विचार के विषय हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता हैं। उन्हें सम्मानजनक वेतन, सुरक्षित सेवा-शर्तें, समय पर पदोन्नति और सामाजिक सुरक्षा मिलना आवश्यक है। शिक्षक हितों से जुड़े प्रत्येक जायज मुद्दे को उचित मंच पर उठाना और उसके समाधान के लिए निरंतर प्रयास करना मेरी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक हितों से जुड़े विषयों पर केवल चर्चा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके समाधान के लिए निरंतर संवाद, ठोस पहल और जिम्मेदार प्रयास आवश्यक हैं। शिक्षकों की लंबित मांगों पर संबंधित विभागों का ध्यान आकृष्ट करना और उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास करना समय की आवश्यकता है। डॉ. राहुल राज ने कहा शिक्षकों की समस्याएं केवल किसी एक व्यक्ति या वर्ग की समस्याएं नहीं हैं, बल्कि इनका संबंध शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता और भविष्य से भी है। मैं शिक्षकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहूंगा। उनके अधिकारों, सम्मान और जायज मांगों के लिए मेरी आवाज निरंतर बुलंद होती रहेगी। शिक्षक प्रतिनिधि ने कहा कि शिक्षकों को वर्तमान में डॉ. राहुल राज जैसा ही प्रतिनिधित्व चाहिए जो उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुने और समाधान की दिशा में लगातार प्रयास करे। प्रमंडलीय अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षक समुदाय के विभिन्न संवर्गों की समस्याओं को समझने की सूझ डॉ. राहुल राज में ही है जो सदन तक उनकी आवाज को उठाने हेतु प्रतिबद्ध हैं। डॉ. राहुल राज ने कहा कि शिक्षकों का विश्वास उनके लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों पर निरंतर सक्रिय रहना, उनकी समस्याओं को उचित मंच पर उठाना और समाधान के लिए प्रयास करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। शिक्षकों से संवाद और संपर्क के क्रम में डॉ. राहुल राज ने शिक्षक हितों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के सम्मान, अधिकार, बेहतर सेवा-शर्तों और लंबित समस्याओं के समाधान से जुड़े मुद्दों पर उनकी पहल आगे भी जारी रहेगी।।