Jiश्रद्धालुओं के सुरक्षित दर्शन, दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं सुगम यातायात व्यवस्था पर दिया गया विशेष जोर
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रिपोर्टर अजय कुमार
जिला पदाधिकारी प्रतिभा रानी की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित संवाद कक्ष में जिले की दुर्गा पूजा समितियों के आयोजकों के साथ पूजा की तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर एवं प्रखंड क्षेत्रों में पूजा आयोजन की व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। विशेष रूप से श्रद्धालुओं के सुरक्षित दर्शन, भीड़ प्रबंधन, दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा यातायात को सुगम बनाए रखने पर जोर दिया गया।
बैठक में जिला प्रशासन की ओर से पूजा समिति के आयोजकों को निम्नलिखित निदेश दिए गए—
सुरक्षित दर्शन एवं भीड़ प्रबंधन: पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं के प्रवेश एवं निकास की समुचित व्यवस्था रखें। जहाँ संभव हो, प्रवेश एवं निकास के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित करें तथा दर्शन हेतु कतार की व्यवस्था सुनिश्चित करें। किसी भी स्थान पर अत्यधिक भीड़ एकत्र नहीं होने दें।
स्वयंसेवकों की प्रतिनियुक्ति: प्रत्येक पूजा समिति पर्याप्त संख्या में जिम्मेदार स्वयंसेवकों को तैनात करे। स्वयंसेवकों को पहचान-पत्र उपलब्ध कराएँ तथा उन्हें भीड़ नियंत्रण, श्रद्धालुओं की सहायता और आपात स्थिति में प्रशासन को सूचना देने की जिम्मेदारी दें।
पंडाल एवं विद्युत सुरक्षा: पंडाल की संरचना मजबूत एवं सुरक्षित रखें। बिजली के खुले तार, ढीले जोड़ तथा असुरक्षित विद्युत उपकरणों का उपयोग नहीं करें। विद्युत व्यवस्था की जाँच सक्षम तकनीशियन से कराएँ और मुख्य विद्युत स्विच तक पहुँच सुगम रखें।
अग्नि सुरक्षा की व्यवस्था: पूजा पंडालों में अग्निशमन यंत्र, बालू एवं पानी की व्यवस्था रखें। ज्वलनशील सामग्री को दीपक, धूप तथा विद्युत उपकरणों से सुरक्षित दूरी पर रखें।
आपातकालीन निकास मार्ग को हर समय खुला एवं बाधामुक्त रखें।
सुगम यातायात एवं पार्किंग: सड़क एवं सार्वजनिक रास्तों पर अनावश्यक अवरोध उत्पन्न नहीं करें। वाहनों की पार्किंग निर्धारित स्थानों पर कराएँ। एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन एवं अन्य आपातकालीन वाहनों के आवागमन के लिए पर्याप्त रास्ता उपलब्ध रखें।
महिलाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों की सुविधा: दर्शन के दौरान महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों तथा दिव्यांग श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। बच्चों के गुम होने अथवा किसी श्रद्धालु को सहायता की आवश्यकता होने पर तत्काल सहयोग उपलब्ध कराने की व्यवस्था रखें।
प्रकाश एवं निगरानी व्यवस्था: पूजा पंडालों, पहुँच मार्गों तथा आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त रोशनी सुनिश्चित करें। प्रमुख स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था करें तथा संदिग्ध गतिविधि या वस्तु की जानकारी तत्काल स्थानीय पुलिस को दें।
स्वच्छता एवं जनसुविधाएँ: पंडाल परिसर एवं आसपास नियमित साफ-सफाई कराएँ। कूड़ेदान, सुरक्षित पेयजल तथा उपलब्ध शौचालय सुविधाओं की जानकारी श्रद्धालुओं को दें। कचरा सड़क एवं नालियों में नहीं डालें।
प्राथमिक उपचार एवं आपात सहायता: पूजा स्थल पर प्राथमिक उपचार सामग्री उपलब्ध रखें। पूजा समिति के प्रमुख सदस्यों, स्थानीय थाना तथा संबंधित प्रशासनिक पदाधिकारियों के संपर्क नंबर स्वयंसेवकों के पास उपलब्ध हों। किसी दुर्घटना अथवा अस्वस्थता की स्थिति में तत्काल सूचना देकर सहायता प्राप्त करें।
शांति एवं सौहार्द बनाए रखें: पूजा का आयोजन शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में करें। किसी भी अफवाह अथवा भ्रामक सूचना को प्रसारित नहीं करें। ऐसी सूचना प्राप्त होने पर तत्काल प्रशासन एवं पुलिस को अवगत कराएँ।
ध्वनि एवं आयोजन संबंधी निर्देशों का पालन: ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग निर्धारित समय एवं अनुमत सीमा के अनुरूप करें। पूजा आयोजन, शोभायात्रा एवं विसर्जन के संबंध में प्रशासन द्वारा निर्धारित शर्तों, मार्ग एवं समय का पालन सुनिश्चित करें।
विसर्जन के दौरान विशेष सावधानी: विसर्जन में प्रयुक्त वाहनों की तकनीकी स्थिति, विशेषकर ब्रेक एवं अन्य सुरक्षा उपकरणों की जाँच कराएँ। वाहनों पर क्षमता से अधिक लोगों को नहीं बैठाएँ तथा निर्धारित विसर्जन स्थलों पर स्वयंसेवकों एवं प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखें।
जिला पदाधिकारी ने सभी पूजा समितियों से प्रशासन एवं पुलिस के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने तथा सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएँ समय से पूर्ण करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण में दर्शन कराने के लिए आयोजकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
बैठक में पुलिस अधीक्षक, शिवहर, अनुमण्डल दण्डाधिकारी, अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी, सभापति, नगर परिषद शिवहर सहित नगर एवं प्रखंड क्षेत्रों से आए दुर्गा पूजा समितियों के आयोजक उपस्थित हुए।