बारीपदा, 14 अक्टूबर 2026। देश की सुरक्षा और कर्तव्य पालन के दौरान माओवादी हमले में अपनी जान गंवाने वाले मयूरभंज जिले के तीन वीर पुलिसकर्मियों की स्मृति में मंगलवार शाम रिजर्व पुलिस परिसर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शहीदों के बलिदान को याद करते हुए उनकी अमर आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।कार्यक्रम में बारीपदा विधायक प्रकाश सोरेन, जिला परिषद अध्यक्ष भारती हांसदा, मयूरभंज के पुलिस अधीक्षक वरुण गुंटुपल्ली तथा नगरपालिका पार्षद अनुराधा महांती सहित शहीद परिवारों के सदस्य उपस्थित रहे।इस दौरान शहीद नारायण प्रधान की पत्नी कनकलता प्रधान, शहीद राजेंद्र महांता की पत्नी रेखा महांता और शहीद गह्मा हेम्ब्रम की पत्नी कुइली हेम्ब्रम ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने शहीदों के साहस, वीरता और देश के प्रति उनके समर्पण को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।जिला पुलिस की ओर से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार गोच्छायत की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम में बारीपदा एसडीपीओ प्रभात कुमार मल्लिक, रिजर्व पुलिस निरीक्षक आलोक कुमार कानूनगो, भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी के आजीवन सदस्य अमर सेठी तथा मयूरभंज हवलदार एवं कांस्टेबल शाखा संघ के अध्यक्ष विकास कुमार बारिक और सचिव सुरोज कुमार राज ने कार्यक्रम के संचालन में सहयोग किया।श्रद्धांजलि सभा के बाद रिजर्व पुलिस कार्यालय परिसर से कैंडल मार्च निकाला गया। यह मार्च भंजपुर अस्पताल से होते हुए पुलिस परेड मैदान स्थित शहीद स्तंभ तक पहुंचा। वहां तीनों शहीद पुलिसकर्मियों की स्मृति में पुष्पमालाएं अर्पित की गईं और सभी ने कुछ क्षण मौन रहकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।उल्लेखनीय है कि 13 अक्टूबर 2009 की शाम मयूरभंज जिले के सीमावर्ती चांदुआ थाना क्षेत्र के बंडाब गांव के खेल मैदान में सुनाराम सोरेन स्मारक फुटबॉल टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला चल रहा था। इस कार्यक्रम में तत्कालीन सांसद और झारखंड मुक्ति मोर्चा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष सुदाम मरांडी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे।इसी दौरान माओवादियों ने हमला कर दिया। सुदाम मरांडी इस हमले में बाल-बाल बच गए, लेकिन उनकी सुरक्षा में तैनात तीन पुलिसकर्मियों ने अपनी जान गंवा दी।शहीद होने वालों में चांदुआ थाने के तत्कालीन सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) नारायण चंद्र प्रधान, हवलदार राजेंद्र महांता और कांस्टेबल गह्मा हेम्ब्रम शामिल थे।इन वीर पुलिसकर्मियों के सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए प्रत्येक वर्ष 13 अक्टूबर के आसपास श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस आयोजन के माध्यम से शहीदों की वीरता, कर्तव्यनिष्ठा और देश के प्रति समर्पण को नमन किया गया।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज, स्टेट हेड।