खबर कानपुर नगर
कानपुर।
कानपुर जीएसटी सीए एसोसिएशन द्वारा लॉफ्टी हॉल, गंगेज क्लब, कानपुर में एक दिवसीय महत्वपूर्ण संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। एसोसिएशन के अध्यक्ष सीए शिशिर शुक्ला के नेतृत्व में आयोजित संगोष्ठी का मुख्य विषय 8 अक्टूबर 2026 को जीएसटी काउंसिल की बैठक में लिए गए अहम निर्णयों तथा करदाताओं एवं टैक्स प्रोफेशनल्स से जुड़े कानूनी संरक्षण पर चर्चा रहा।
संगोष्ठी की अध्यक्षता *सीए पूजा श्रीवास्तव* ने की, संचालन सचिव *सीए शैलेश शर्मा* ने किया तथा विषय परिवर्तन *सीए छवि जैन एवं सीए ऋतु* द्वारा किया गया।
सगोष्ठी के प्रमुख बिंदु:
1. सीबीआई एवं ईडी जांच में टैक्स प्रोफेशनल्स के अधिकार:
मुख्य वक्ता पुणे से पधारीं *सीए रेखा धमाकर* ने कहा कि जांच अधिकारी केवल आर्थिक घोटाले के मामलों में ऑडिटर से सहयोग ले सकते हैं और ऑडिटर अपने पास उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही सहयोग के लिए बाध्य हैं। किसी पेशेवर द्वारा दी गई व्यावसायिक सलाह को तब तक अपराध नहीं माना जा सकता, जब तक उसकी दुर्भावनापूर्ण मंशा (Mensa Rea) या मिलीभगत साबित न हो। समन या पूछताछ के दौरान सीए को अपना बयान पढ़कर हस्ताक्षर करने और उसकी प्रति लेने का पूर्ण अधिकार है।
2. निरीक्षण, सर्च एवं जब्ती के नियम:
लखनऊ से पधारीं मुख्य वक्ता *सीए रीना भार्गव* ने बताया कि जीएसटी अधिकारी तभी निरीक्षण कर सकते हैं जब वह ज्वाइंट कमिश्नर द्वारा अधिकृत हों। सर्च का अधिकार तभी है जब ठोस कारण (Reason to Believe) हो कि कर चोरी या दस्तावेज छिपाए गए हैं। जांच दल केवल व्यवसाय से संबंधित स्टॉक, बही-खाते व इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड ही जब्त कर सकता है। व्यापारी की व्यक्तिगत संपत्ति जैसे कैश, ज्वेलरी, कार, मोबाइल जब्त नहीं की जा सकती।
3. गिरफ्तारी के प्रावधान वापस होने से भयमुक्त व्यापार:
सीए धर्मेंद्र श्रीवास्तव ने जीएसटी काउंसिल द्वारा गिरफ्तारी संबंधी कठोर धाराओं को वापस लेने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा इससे व्यापारियों में विभागीय कार्रवाई का डर खत्म होगा, कर प्रणाली पर विश्वास बढ़ेगा और अदालतों में लिटिगेशन का बोझ कम होगा।
उपस्थिति: सेशन चेयरमैन सीए संजय अग्रवाल, उपाध्यक्ष सीए राजेश कनोडिया सहित सीए दीप कुमार मिश्र, पराग टंडन, शुभम ओमर, संकल्प भल्ला, राजीव कुमार गुप्ता, विशाल खन्ना, प्रशांत रस्तोगी, शरद सिंघल, अवधेश मिश्र आदि उपस्थित रहे।
जिला क्राइम ब्यूरो दीपक तिवारी कानपुर