उरई(जालौन)
अधिकारियों को निर्देश—मौके पर जाकर दोनों पक्षों को सुनें,गुणवत्ता पूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण से फरियादियों को बार-बार चक्कर लगाने से दिलाएं मुक्ति।जिलाधिकारी समीर व पुलिस अधीक्षक सुरेश चन्द्र रावत ने तहसील उरई के सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना। इस दौरान प्राप्त 48 शिकायतों में से 12 का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए समय बद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उसके निस्तारण की प्रभावी कार्रवाई करें।आवश्यकतानुसार मौके पर जाकर दोनों पक्षों को सुनें और तथ्यों की जांच के आधार पर नियमानुसार समाधान कराएं, ताकि शिकायत कर्ताओं को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने शिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने पर जोर दिया। संपूर्ण समाधान दिवस में जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की पहल करते हुए जिलाधिकारी ने कई मामलों में संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। ग्राम पाठक निवासी विजय लक्ष्मी ने फार्मर रजिस्ट्री नहीं बन पाने की समस्या रखी। इस पर जिलाधिकारी ने उप कृषि निदेशक को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद उनकी फार्मर रजिस्ट्री बनवाई गई। वहीं, सिविल लाइन निवासी प्रिया सोनी ने विरासत से संबंधित प्रकरण प्रस्तुत किया। जिलाधिकारी ने तहसीलदार को संबंधित न्यायालय की पत्रावली मंगवाकर परीक्षण करने के निर्देश दिए। पत्रावली में अगली तिथि 21 अक्टूबर नियत होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने मामले में तथ्यों के आधार पर नियमानुसार विरासत आदेश पारित करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। चुर्खी बाईपास निवासी लगभग 75 वर्षीय विजय सिंह ने अपने बेटे के छत से गिरने के कारण गंभीर रूप से घायल होने और उपचार के बाद भी स्वास्थ्य में सुधार न होने की समस्या बताई। जिलाधिकारी ने तत्काल मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से दूरभाष पर वार्ता कर प्रकरण को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीज को व्यक्तिगत रूप से दिखवाते हुए आवश्यकतानुसार भर्ती कराकर बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाए। इसी क्रम में ग्राम सरसोखी निवासी रामकृष्ण शुक्ला ने अतिवृष्टि से फसल खराब होने के कारण मुआवजा दिलाए जाने की मांग रखी।जिलाधिकारी ने तहसीलदार से प्रकरण की जानकारी ली। तहसीलदार ने अवगत कराया कि किसान की फसल क्षति का आकलन हो चुका है और स्वीकृति की कार्रवाई कर दी गई है। शीघ्र ही निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मुआवजा कृषक के बैंक खाते में पहुंच जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि जनशिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करते हुए शासन की मंशा के अनुरूप जनसुनवाई व्यवस्था को प्रभावी बनाएं। इस अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप कुमार, उप जिलाधिकारी उत्तम तिवारी, सीओ, मुख्य चिकित्सा अधिकारी एच एन प्रसाद आदि अधिकारी मौजूद रहे।
(अनिल कुमार ओझा, ब्यूरो प्रमुख,ITN news)