हापुड़, उत्तर प्रदेश।
जनवाणी अखबार के पत्रकार नसीम अहमद की कथित हत्या की खबर ने पत्रकार जगत को झकझोर कर रख दिया है।
बताया जा रहा है कि नसीम अहमद विज्ञापन के सिलसिले में एक व्यापारी के पास गए थे, जहां उनके साथ मारपीट की घटना हुई। इस घटना के बाद पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
आखिर कब तक पत्रकारों की सुरक्षा पर सवाल उठते रहेंगे?
पत्रकार जनता की आवाज बनकर समाज की समस्याओं को उजागर करते हैं। लेकिन यदि पत्रकार ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की सुरक्षा कौन सुनिश्चित करेगा?
हापुड़ की इस घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और पत्रकारों की सुरक्षा पर बहस छेड़ दी है। जरूरत है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और पत्रकारों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं
सवाल सिर्फ एक पत्रकार का नहीं, बल्कि हर उस आवाज की सुरक्षा का है जो सच को सामने लाने का प्रयास करती है
पत्रकार की सुरक्षा, लोकतंत्र की सुरक्षा है!
जिला हापुड़ से राहुल कुमार की रिपोर्ट।
