मोरड़ा, मयूरभंज: ओडिशा के मयूरभंज जिले के मोरड़ा क्षेत्र में सरकारी देसी शराब की तुलना में अवैध देसी शराब का कारोबार बढ़ने का आरोप सामने आया है। आरोप है कि भालुकचुआ जंगल में बड़े पैमाने पर अवैध शराब तैयार की जा रही है। इसके अलावा, विभिन्न पंचायतों और पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल से भी अवैध शराब लाकर क्षेत्र में बेची जा रही है।
स्थानीय स्तर पर सामने आए आरोपों के अनुसार, सरकारी देसी शराब की कीमत जहां 90 रुपये प्रति लीटर बताई जा रही है, वहीं अवैध देसी शराब 120 रुपये प्रति लीटर की दर से बेची जा रही है। अवैध शराब की गुणवत्ता और उसमें मिलावट की आशंका को लेकर लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडराने की चिंता जताई जा रही है। इसके साथ ही, जंगल में शराब बनाने के लिए पेड़ों की कटाई किए जाने का आरोप भी लगाया गया है।
दूसरी ओर, मोरड़ा आबकारी थाने में आवश्यक कर्मचारियों की कमी के कारण अवैध शराब के कारोबार पर नियंत्रण करने में परेशानी होने की बात कही जा रही है। इस अवैध कारोबार से सरकार को राजस्व का नुकसान होने का भी आरोप है।
ऐसे में क्षेत्रवासियों ने अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने, जंगलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा इस कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
अब क्षेत्र के लोगों की निगाहें आबकारी विभाग और वन विभाग की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग जल्द कदम उठाकर अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाएंगे।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज।
