*बिहार मोतीहारी से अमरजीत सिंह*
‘MDM में छिपकली..’ 48 घंटे बाद भी नहीं हुई कर्रवाई, नोटिस थमाकर लीपापोती की कोशिश?
बड़हरवा कला मध्य विद्यालय में औचक निरिक्षण के दौरान भोजन में मिली छिपकली मिलने के मामले में अब तक कार्रवाई नहीं हो पाई.
पूर्वी चंपारण: बिहार के पूर्वी चंपारण स्थित कोटवा प्रखंड अंतर्गत बड़हरवा कला मध्य विद्यालय में औचक निरिक्षण के दौरान मिड-डे मील की गुणवत्ता से लेकर शिक्षकों की उपस्थिति, बच्चों की उपस्थिति और रसोईघर की साफ-सफाई तक में कई अनियमितताएं सामने आईं. इसके बाद जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (पीएम पोषण योजना) ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक को स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया. हालांकि दो दिन बाद भी प्रधानाध्यापक की ओर से कोई जवाब सामने नहीं आया है.
दरअसल 23 अक्टूबर को किए गए औचक निरीक्षण के दौरान मध्याह्न भोजन में छिपकली मिलने से हड़कंप मच गया. जांच के दौरान विद्यालय में बच्चों के लिए तैयार की जा रही सब्जी में छिपकली मिलने के बाद उसे फेंक दिया गया और दोबारा सब्जी तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की गई. इस घटना से भोजन तैयार करने और बच्चों को परोसने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर कई सवाल खड़े हुए.
बच्चों को समय पर नहीं मिला खानाबताया गया कि सब्जी फेंकने के बाद दोबारा भोजन तैयार किए जाने के कारण बच्चों को समय पर खाना नहीं मिल सका. निरीक्षण के दौरान कई बच्चे भोजन की प्रतीक्षा में विद्यालय परिसर के मैदान में इधर-उधर घूमते नजर आए. अधिकारियों ने इस स्थिति को भी गंभीरता से लिया और भोजन की गुणवत्ता की जांच की.
पूर्वी चंपारण: बिहार के पूर्वी चंपारण स्थित कोटवा प्रखंड अंतर्गत बड़हरवा कला मध्य विद्यालय में औचक निरिक्षण के दौरान मिड-डे मील की गुणवत्ता से लेकर शिक्षकों की उपस्थिति, बच्चों की उपस्थिति और रसोईघर की साफ-सफाई तक में कई अनियमितताएं सामने आईं. इसके बाद जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (पीएम पोषण योजना) ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक को स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया. हालांकि दो दिन बाद भी प्रधानाध्यापक की ओर से कोई जवाब सामने नहीं आया है.
सब्जी में छिपकली मिलने से मचा हड़कंप
दरअसल 23 अक्टूबर को किए गए औचक निरीक्षण के दौरान मध्याह्न भोजन में छिपकली मिलने से हड़कंप मच गया. जांच के दौरान विद्यालय में बच्चों के लिए तैयार की जा रही सब्जी में छिपकली मिलने के बाद उसे फेंक दिया गया और दोबारा सब्जी तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की गई. इस घटना से भोजन तैयार करने और बच्चों को परोसने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर कई सवाल खड़े हुए.
बच्चों को समय पर नहीं मिला खाना
बताया गया कि सब्जी फेंकने के बाद दोबारा भोजन तैयार किए जाने के कारण बच्चों को समय पर खाना नहीं मिल सका. निरीक्षण के दौरान कई बच्चे भोजन की प्रतीक्षा में विद्यालय परिसर के मैदान में इधर-उधर घूमते नजर आए. अधिकारियों ने इस स्थिति को भी गंभीरता से लिया और भोजन की गुणवत्ता की जांच की.
निरिक्षण के दौरान मध्याह्न भोजन खाते अधिकारी
रसोईघर में गंदगी
निरीक्षण के दौरान विद्यालय के रसोईघर की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई. भोजन तैयार करने वाले कमरे में साफ-सफाई का अभाव देखने को मिला. रसोईघर की दीवारों पर मकड़ी के जाले लटके हुए थे, जो स्वच्छता व्यवस्था में लापरवाही की पुष्टि कर रहे थे.
पांच के बदले दो रसोइया मिलीं
इसके अलावा, विद्यालय में पांच स्वीकृत रसोइयों के मुकाबले निरीक्षण के समय केवल दो रसोइया ही उपस्थित मिलीं. तीन रसोइया बिना किसी सूचना के अनुपस्थित पाई गईं. अधिकारियों ने रसोइयों की गैर-हाजिरी और रसोईघर की साफ-सफाई को लेकर भी सवाल उठाए हैं.
अनुशासनात्मक कार्रवाई संभव
पूरे मामले को शिक्षा विभाग ने बेहद गंभीरता से लेते हुए विद्यालय की व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाया. विभाग ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है.
13 स्वीकृत पदों के मुकाबले 10 शिक्षक उपस्थित
भोजन के अलावा जांच के दौरान विद्यालय में शिक्षकों की उपस्थिति की भी अनियमितता सामने आई. जानकारी के अनुसार, विद्यालय में शिक्षकों के कुल 13 पद स्वीकृत हैं, लेकिन निरीक्षण के समय केवल 10 शिक्षक ही उपस्थित पाए गए और तीन शिक्षक अनुपस्थित मिले.
अनुपस्थित शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज
इस मामले में गंभीर सवाल तब खड़ा हुआ, जब अनुपस्थित शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज किए जाने की बात सामने आई. अधिकारियों ने इस पर भी प्रधानाध्यापक से जवाब मांगा है. अनुपस्थित शिक्षकों के बारे में पूछताछ करने पर बताया गया कि वे आवश्यक प्रतिवेदन जमा करने के लिए प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) गए हुए थे.
रिपोर्ट;अमरजीत सिंह
