*बिहार मोतीहारी से अमरजीत सिंह*
बिहार में एक बार फिर से जाली नोटों की बरामदगी हुई. सवाल उठने लगे हैं कि क्या तस्कर इसे सेफ रूट समझते हैं.
बिहार में एक बार फिर से जाली नोटों की बरामदगी हुई. सवाल उठने लगे हैं कि क्या तस्कर इसे सेफ रूट समझते हैं.
मोतिहारी : बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में जाली भारतीय करेंसी की तस्करी का मामला सामने आया है. मोतिहारी पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए सेमरा गांव के पास एक गाड़ी से करीब पांच लाख रुपये मूल्य की जाली करेंसी बरामद की है. इस मामले में पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है.
शुरुआती जानकारी के अनुसार, तस्करी में शामिल लोगों ने जाली नोटों को छिपाने के लिए वाहन के अंदर विशेष रूप से गुप्त तहखाना बना रखा था. इसी तहखाने में नोटों को छिपाकर ले जाया जा रहा था. पुलिस अब हिरासत में लिए गए आरोपी से पूछताछ कर इस पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है.
लाख 95 हजार के जाली नोट बरामद
बताया जा रहा है कि तस्करों ने पुलिस की नजरों से बचने और जाली नोटों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए वाहन में सीक्रेट चैंबर तैयार कराया था. हालांकि, इस तहखाने को बनाने और वाहन का इस्तेमाल करने में अन्य लोगों की क्या भूमिका थी, इसकी जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.नेपाल से जुड़ रहे तस्करी के तार
पुलिस को मिले खुफिया इनपुट के अनुसार, जाली करेंसी की यह खेप नेपाल से मोतिहारी लाई जा रही थी. आशंका है कि इन नोटों को बिहार के स्थानीय बाजारों में खपाने की योजना थी. भारत-नेपाल सीमा की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि तस्करी के लिए किन रास्तों का इस्तेमाल किया जा रहा था और इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं.
DSP ने पूरे मामले में दी जानकारी
डीएसपी दिलीप कुमार ने कहा कि 4 लाख 95 हजार के जाली नोट तुरकौलिया थाना क्षेत्र के सेमरा से बरामद हुए हैं. एक आरोपी जनेरवा के रहने वाले नूर की गिरफ्तारी हुई है. मामले में एक आरोपी फरार है, वह तस्करी के मामले में एक बार जेल जा चुका है.
‘मामले में गहनता से जांच की जा रही है कि इस पूरे नेटवर्क के तार कहां से जुड़े हैं. कहां छपाई होती है, कहां डिलीवरी होती है, इसके पीछे कहीं दूसरे देश का हाथ तो नहीं है? हर एंगल को खंगाला जा रहा है. अन्य एजेंसियां भी मामले की जांच करेगी. आरोपी ने बताया है कि यह उसका दूसरा खेप था.”- दिलीप कुमार, डीएसपी
पटना के फ्लैट में भी तलाशी
इसके अलावा युवराज गैस एजेंसी के कार्यालय और गोदाम तथा केसरिया नगर पंचायत के सरकारी भवन स्थित मुख्य पार्षद के कार्यालय में भी तलाशी की कार्रवाई की जा रही है. वहीं पटना जिले के दानापुर स्थित बालाजी नगर के अपार्टमेंट के फ्लैट में भी तलाशी ली गई है. इस पूरी कार्रवाई में अपर पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में विशेष टास्क फोर्स की सहायता भी ली गई है.
इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, आवाजाही प्रतिबंधित
छापेमारी के दौरान रिंकू पाठक के आवास और प्रतिष्ठानों के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस जवान तैनात किए गए हैं. सुरक्षा को देखते हुए इन स्थानों पर आम लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है. इससे इलाके में हलचल तेज हो गई है.
3.56 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित करने का आरोप
आर्थिक अपराध इकाई ने बताया कि रजनीश कुमार पाठक उर्फ रिक्कू पाठक और उनकी पत्नी किरण देवी के खिलाफ ज्ञात आय के वैध स्रोतों से कुल 3 करोड़ 56 लाख 65 हजार 118 रुपये अधिक संपत्ति अर्जित करने का प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिला है. यह राशि उनकी ज्ञात आय से लगभग 124.81 प्रतिशत अधिक बताई गई है.
“तलाशी की कार्रवाई पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी दी जाएगी. फिलहाल विभिन्न ठिकानों पर दस्तावेजों और संपत्ति से संबंधित साक्ष्यों की जांच की जा रही है. तलाशी के दौरान मिलने वाले तथ्यों के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.”-आर्थिक अपराध इकाई
पूर्व में रंगदारी समेत कई मामलों में नाम
रिंकू पाठक का नाम पहले भी रंगदारी समेत कई मामलों में सामने आ चुका है. वे इन मामलों के सिलसिले में सहरसा जेल में बंद रह चुके हैं. जेल से बाहर आने के बाद उनके कारोबार में विस्तार और विभिन्न जगहों पर संपत्ति अर्जित करने की शिकायतें मिलने की बात कही जा रही है.
आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही संभवटीम रिंकू पाठक की संपत्ति, कारोबार और उनसे जुड़े वित्तीय पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही है. इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने और आधिकारिक जानकारी जारी होने के बाद ही हो सकेगी. फिलहाल कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आया है
रिपोर्ट;अमरजीत सिंह


