*बिहार मोतीहारी से अमरजीत सिंह*
मोतिहारी में शिक्षा विभाग के HRMS सिस्टम में गबन का मामला, जून 2024 से सितंबर 2026 तक सरकारी राशि की अवैध निकासी का आरोप
विभागीय जांच में हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा
निदेशक प्रशासन, शिक्षा विभाग, बिहार के पत्रांक 2072 दिनांक 12 अक्टूबर 2026 के निर्देश पर जिला शिक्षा कार्यालय ने शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों के एचआरएमएस वेतन भुगतान की विशेष जांच कराई. जांच में पाया गया कि जून 2024 से सितंबर 2026 के बीच तकनीकी प्रक्रिया में छेड़छाड़ कर सरकारी राशि को निजी और परिजनों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया.
शिक्षक और ऑपरेटर पर लगे गंभीर आरोप
जांच में मो. इमादुद्दीन शाबिर उर्फ बेताब और अमन कुमार की संलिप्तता सामने आई है. बेताब मदरसा मिसवाहुल उलूम, सेमरहियां, छौड़ादानों में शिक्षक के पद पर कार्यरत बताए गए हैं. आरोप है कि अवैध निकासी की राशि उनकी पत्नी रोविना कौशल के बैंक खाते में ट्रांसफर की गई. वहीं, एचआरएमएस ऑपरेटर अमन कुमार पर आरोप है कि गबन की राशि अपनी मां सुमन के खाते में भेजी गई.
पुरानी शिकायतों और कार्रवाई पर उठे सवाल
इस मामले ने जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. चर्चा है कि प्रतिनियुक्तियां रद्द होने के बावजूद बेताब जिला शिक्षा कार्यालय में कैसे कार्य कर रहे थे. बिल तैयार करने वाले मेकर और जांच करने वाले चेकर की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि इतनी बड़ी राशि की निकासी लंबे समय तक कैसे चलती रही.
डीएम के निर्देश के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
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मोतिहारी में शिक्षा विभाग के HRMS सिस्टम में गबन का मामला, जून 2024 से सितंबर 2026 तक सरकारी राशि की अवैध निकासी का आरोप.
मोतिहारी: बिहार के शिक्षा विभाग में ऑनलाइन वेतन भुगतान प्रणाली एचआरएमएस के कथित दुरुपयोग से सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है. विभागीय जांच में 6057158 रुपये की अवैध निकासी का खुलासा हुआ है.
मदरसा शिक्षक और ऑपरेटर पर आरोप
इस मामले में एक मदरसा शिक्षक और एचआरएमएस ऑपरेटर की प्रथमदृष्टया संलिप्तता पाए जाने के बाद मोतिहारी नगर थाना में दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. पुलिस अब पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है.
विभागीय जांच में हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा
निदेशक प्रशासन, शिक्षा विभाग, बिहार के पत्रांक 2072 दिनांक 12 अक्टूबर 2026 के निर्देश पर जिला शिक्षा कार्यालय ने शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों के एचआरएमएस वेतन भुगतान की विशेष जांच कराई. जांच में पाया गया कि जून 2024 से सितंबर 2026 के बीच तकनीकी प्रक्रिया में छेड़छाड़ कर सरकारी राशि को निजी और परिजनों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया.
शिक्षक और ऑपरेटर पर लगे गंभीर आरोप
जांच में मो. इमादुद्दीन शाबिर उर्फ बेताब और अमन कुमार की संलिप्तता सामने आई है. बेताब मदरसा मिसवाहुल उलूम, सेमरहियां, छौड़ादानों में शिक्षक के पद पर कार्यरत बताए गए हैं. आरोप है कि अवैध निकासी की राशि उनकी पत्नी रोविना कौशल के बैंक खाते में ट्रांसफर की गई. वहीं, एचआरएमएस ऑपरेटर अमन कुमार पर आरोप है कि गबन की राशि अपनी मां सुमन के खाते में भेजी गई.
पुरानी शिकायतों और कार्रवाई पर उठे सवाल
इस मामले ने जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. चर्चा है कि प्रतिनियुक्तियां रद्द होने के बावजूद बेताब जिला शिक्षा कार्यालय में कैसे कार्य कर रहे थे. बिल तैयार करने वाले मेकर और जांच करने वाले चेकर की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि इतनी बड़ी राशि की निकासी लंबे समय तक कैसे चलती रही.
डीएम के निर्देश के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
सामाजिक कार्यकर्ता नासिर ने पहले भी बेताब के खिलाफ दलाली और उगाही की शिकायत जिला शिक्षा पदाधिकारी से लेकर जिलाधिकारी तक की थी. जिलाधिकारी ने ज्ञापांक 134 दिनांक 10 अप्रैल 2026 के माध्यम से आवेदन जांच के लिए डीईओ कार्यालय भेजा था. इसके बावजूद उस समय क्या कार्रवाई हुई, यह अब जांच का अहम पहलू बन गया है.
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने की पुष्टि
जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार गिरी ने बताया कि एचआरएमएस वेतन भुगतान प्रणाली में वित्तीय अनियमितता के मामले को गंभीरता से लिया गया है. विभागीय जांच में 60 लाख 57 हजार 158 रुपये की अवैध निकासी का मामला सामने आया है.
“मदरसा शिक्षक और एचआरएमएस ऑपरेटर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. पूरे मामले की जांच चल रही है और नियमानुसार कार्रवाई की गई
रिपोर्ट;अमरजीत सिंह
