सोनभद्र। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट सभागार में उनकी अध्यक्षता में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के तहत पात्र महिलाओं को प्रोत्साहन राशि के भुगतान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। सीडीओ ने सभी ब्लॉकों को आगामी समीक्षा से पहले कम से कम 90 प्रतिशत पात्र लाभार्थियों का भुगतान सुनिश्चित करने को कहा।बैठक में प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) के लिए गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण में अपेक्षित प्रगति न होने पर संबंधित अधिकारियों को चेताया गया। निर्देश दिया गया कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप 90 प्रतिशत से अधिक पंजीकरण सुनिश्चित किए जाएं, ताकि महिलाओं को समय पर जांच एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
मातृ एवं शिशु मृत्यु के प्रत्येक मामले का अनिवार्य ऑडिट कराने और गर्भवती महिलाओं की नियमित काउंसलिंग करने के निर्देश भी दिए गए। उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की निगरानी और उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।इसके अलावा बैठक में पोषण पुनर्वास केंद्रों (एनआरसी) में अति कुपोषित बच्चों की भर्ती बढ़ाने पर जोर दिया गया। सीडीओ ने कहा कि बच्चों को समय पर उपचार और पोषण सहायता देना स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख जिम्मेदारी है, इसमें सुस्ती बरतने वाली टीमों के विरुद्ध कार्रवाई होगी।बैठक में टीबी मरीजों को पोषण पोटली का नियमित वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही आगामी पल्स पोलियो अभियान की तैयारियां समय से पूरी करने और सभी ब्लॉकों में 5 नवंबर तक अंतिम कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।
सीडीओ जागृति अवस्थी ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही, कर्मचारियों की अनुपस्थिति और योजनाओं के क्रियान्वयन में शिथिलता सहन नहीं की जाएगी। ऐसे कर्मचारियों का वेतन रोकने तथा स्पष्टीकरण लेने के निर्देश भी दिए गए।
