लोकेशन – कौशाम्बी
जिला रिपोर्टर – राकेश साहू
कौशांबी।
जिले के करारी कस्बे के नेता नगर में जमीन के विवाद को लेकर मारपीट, फायरिंग और जानलेवा हमले का गंभीर मामला सामने आया है। मामले में राकेश कुमार चौरसिया ने आठ लोगों पर हमला करने, उनके भतीजे के साथ मारपीट करने और मोबाइल फोन छीनने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, विवाद पैतृक जमीन पर मालिकाना हक और निर्माण कार्य को लेकर हुआ था। आरोप है कि घटना के बाद शिकायत करने के बावजूद जब पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया तो पीड़ित को न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। न्यायालय के आदेश के बाद करारी थाने में 28 अक्टूबर 2026 को आठ नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर चल रहा था विवाद
एफआईआर में दर्ज शिकायत के अनुसार, राकेश कुमार चौरसिया के पिता देवनमन और दूसरे पक्ष के पूर्वजों के बीच करीब 50 वर्ष पहले पारिवारिक बंटवारा हुआ था। शिकायतकर्ता का दावा है कि गाटा संख्या 69, रकबा 0.2510 हेक्टेयर की जमीन उनके हिस्से में आई थी। आरोप है कि वर्ष 2010 से 2014 के बीच जमीन पर पेंटिंग का काम करने के लिए बाउंड्रीवाल और कमरे का निर्माण कराया गया था। शिकायत में यह भी कहा गया है कि वर्ष 2014 में दूसरे पक्ष के एक व्यक्ति ने निर्माण कार्य में मदद की थी।
राकेश का आरोप है कि 5 जुलाई 2026 को बाउंड्रीवाल और 6 जुलाई को मकान को जेसीबी से गिरवा दिया गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस संबंध में राजस्व और प्रशासनिक अधिकारियों के स्तर पर भी कार्रवाई हुई थी, लेकिन जमीन को लेकर विवाद समाप्त नहीं हुआ।
रात 11 बजे निर्माण कराने की मिली सूचना
शिकायत के मुताबिक, 26 जुलाई 2026 की रात करीब 11 बजे राकेश को सूचना मिली कि उनकी जमीन पर बाउंड्रीवाल हटाकर दोबारा निर्माण कराया जा रहा है। आरोप है कि श्रीशंकर उर्फ मत्तीलाल और भोलेशंकर उर्फ झल्लर समेत कई लोग मौके पर नींव खोदकर दीवार खड़ी करने का प्रयास कर रहे थे।
सूचना मिलने पर राकेश ने डायल 112 पर फोन कर पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद वह अपने भतीजे धर्मेंद्र कुमार के साथ रात करीब 11:45 बजे मौके पर पहुंचे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि वहां पहले से मौजूद लोगों ने उन्हें देखते ही विवाद शुरू कर दिया और देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया।
फायरिंग और लोहे की रॉड से हमला करने का आरोप
राकेश की ओर से दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मौके पर श्रीशंकर उर्फ मत्तीलाल ने जान से मारने की नीयत से उन पर तमंचे से फायर किया। गोली चलने पर वह जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद भोलेशंकर उर्फ झल्लर ने उन्हें जान से मारने के लिए ललकारा और नन्दू चौरसिया ने लोहे की रॉड से उनके सिर पर वार किया।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, इस हमले में उनके दाहिने हाथ में चोट आई और हाथ टूट गया। वहीं, महाशंकर उर्फ मुन्नीलाल तथा राजकुमार उर्फ राज पर भतीजे धर्मेंद्र कुमार को जमीन पर पटककर मारने-पीटने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में चंदन पर भी मारपीट कर मोबाइल फोन छीनने का आरोप लगाया गया है।
पीड़ित का दावा है कि शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव किया। शिकायत के अनुसार, यदि लोग बीच-बचाव नहीं करते तो उनके और भतीजे के साथ कोई गंभीर घटना हो सकती थी।
पुलिस पर सुनवाई नहीं करने का लगाया आरोप
एफआईआर में राकेश ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद उन्होंने करारी थाने में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई और न ही चोटों का मेडिकल परीक्षण कराया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार, घटना के बाद उन्हें और उनके परिवार को जान का खतरा महसूस होने लगा, जिसके चलते परिवार के लोग भयभीत होकर रहने लगे।
राकेश का आरोप है कि उन्होंने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को भी मामले की जानकारी दी। शिकायत में 3 अगस्त 2026 को प्रार्थना पत्र भेजने का उल्लेख है, लेकिन इसके बावजूद मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर कार्रवाई की मांग की।
आठ नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
एफआईआर में श्रीशंकर उर्फ मत्तीलाल, भोलेशंकर उर्फ झल्लर, महाशंकर उर्फ मुन्नीलाल, श्रीलाल, नन्दू चौरसिया, राजकुमार उर्फ राज, राहुल और चंदन को नामजद किया गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, करारी थाने में 28 अक्टूबर 2026 को शाम 4:56 बजे एफआईआर संख्या 0350/2026 दर्ज की गई।
मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 191(2), 191(3), 190, 115(2), 352, 351(3), 324(4) और 109(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। एफआईआर में हत्या के प्रयास समेत विभिन्न आरोपों से संबंधित धाराएं शामिल हैं। मामले की विवेचना निरीक्षक राधे बाबू को सौंपी गई है।
