रामजी तिवारी मड़ावरा ललितपुर
*बांसी (ललितपुर) – रामलीला पांचवां दिन*
शनिवार को रामलीला में राम वन गमन, केवट संवाद और दशरथ मरण की मार्मिक लीला का मंचन हुआ, जिसे देखकर दर्शक भाव-विभोर हो गए। उमड़े जनसैलाब ने लीला में चार चांद लगा दिए।
कस्बा के श्री हनुमान जी टौरिया मंदिर मेला मैदान पर मंदिर समिति द्वारा स्थानीय कलाकारों के माध्यम से रामलीला का मंचन किया जा रहा है।
पांचवें दिन की लीला में राजा दशरथ महर्षि वशिष्ठ को बुलाकर राम को राजा बनाने का शुभ मुहूर्त निकलवाते हैं। दासी मंथरा रानी कैकेयी के कान भरकर थाती में रखे दो वरदान मांगने को कहती है। रानी कोप भवन में चली जाती हैं और राजा दशरथ से भरत को राजगद्दी और राम को चौदह वर्ष का वनवास मांगती हैं।
राम, लक्ष्मण और सीता सहित वनवास को चले जाते हैं। रास्ते में निषादराज गुह से भेंट होती है। गंगा किनारे पहुंचकर केवट से नाव मांगते हैं। केवट भगवान के चरण धोकर राम, लक्ष्मण और सीता को गंगा पार कराता है। भगवान राम उतराई के रूप में माता सीता की अंगूठी देते हैं तो केवट कहता है – _’हमने आपको गंगा पार उतारा है, आप हमें भवसागर से पार उतारना।’_
मंत्री सुमंत अयोध्या लौटकर जब राम के न लौटने का समाचार देते हैं तो राजा दशरथ ‘राम-राम’ कहते हुए प्राण त्याग देते हैं।
बचपन में 12 वर्ष तक रामलीला में राम का अभिनय करने वाले स्वर्गीय रामनारायण तिवारी के पुत्र कुलदीप तिवारी और उनके पौत्र, इसी वर्ष *भारतीय विदेश सेवा (आई.एफ.एस.)* में चयनित *रजत त्रिपाठी* ने झांकी की प्रथम आरती कर 11 हजार रुपये का दान भेंट किया।
*फोटो -*
1. श्री राम झांकी की आरती करते आई.एफ.एस. रजत त्रिपाठी।
2. राम जी से संवाद करते केवट जी।
3. रामलीला देखने उमड़ा जनसैलाब।
*लीला के मुख्य पात्रों में -* राम – पार्थ रमाकांत गोस्वामी, लक्ष्मण – नमन सत्येन्द्र बुंदेला, सीता – अभिनव राजेश झा, दशरथ – भाई जी, सुमंत्र – रामकिशोर बबेले, कैकेयी – सोनेजू बुंदेला, निषादराज – भानसिंह, केवट – जय सिंह, विश्वामित्र – नीरज गंगेले सहित सुनील नामदेव, निमित गुप्ता, लक्ष्य झा, अनिल गुप्ता आदि शामिल रहे।
